10HINT8 म्यांमार में गृह-यु्द्ध हुआ तेज, विद्रोहियों को भी मिल रहा सेना का साथ
नाएप्यीडॉ, 10 जुलाई (हि.स.)। म्यांमार में गृह-युद्ध लगातार तेज हो रहा है। हालात यह हो गए हैं कि म्यामांर की सेना में ही विद्रोह की सूचना मिल रही है। खबर है कि सेना की कुछ टुकड़ियां विद्रोहियों के साथ मिलकर सैन्य शासन को चुनौती देने लगी हैं। पिछले कुछ महीनों से सेना और सैन्य ठिकानों पर विद्रोहियों के हमले भी तेज हुए हैं। देश भर में जगह-जगह आगजनी आम बात हो गयी है।
म्यांमार में स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन काउंसिल के नाम से देश की सरकार चला रही सेना की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में कयाह राज्य में बॉर्डर गार्ड फोर्सेस (बीजीएफ) की दो टुकड़ियों ने घोषित तौर पर पाला बदल लिया। ये सैनिक अब विद्रोहियों में शामिल हो गए हैं। सेना में सेंध लगाने के साथ विद्रोही गुट अब आपसी तालमेल के साथ हमले कर रहे हैं।
करेन नेशनल लिबरेशन आर्मी (केएनएलए) ने पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ) के साथ तालमेल बनाते हुए दोनथामी ब्रिज पर हमला किया। पीडीएफ का गठन कई छोटे-छोटे हथियारबंद गुटों ने मिलकर किया है। दोनथामी नदी पर थाटोन के करीब बने पुल पर जब बागियों ने हमला किया, तो वहां म्यांमार की सेना के साथ उनकी लगभग 45 मिनट तक लड़ाई चली। विद्रोहियों ने दावा किया है कि इस लड़ाई में लगभग 45 सैनिक मारे गए।
इसी तरह बीते 29 जून को विद्रोहियों ने मेन एशिया हाईवे पर स्थित एक पुल को विस्फोट से उड़ा दिया। विद्रोहियों ने सुरक्षा बलों पर सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल कर हमला किया। इस घटना में 27 लोगों के मारे गए, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी या सैनिक थे। अनेक लोग यहां जख्मी भी हुए।