जिले के हर मोहल्ले में विश्व हिन्दू परिषद बनाए अपनी इकाई : हर्षवर्धन सिंह

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हरदोई, 09 जून (हि.स.)। विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि हिन्दुओं को संगठित करने के लिए हर मोहल्ले में विश्व हिन्दू परिषद अपनी इकाई बनाएगा।

खेड़ा बीबीजई में विहिप के आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रांत उपाध्यक्ष ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद एक हिन्दू संगठन है। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का एक अनुषांगिक संगठन है। विश्व हिन्दू परिषद, विहिप के नाम से भी जाना जाता है। विहिप का चिन्ह बरगद का पेड़ है। यानी वट वृक्ष है और इसका ध्येय वाक्य, “धर्मो रक्षति रक्षित:” यानी जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।

उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के पश्चात सेक्युलरवाद के नाम पर हिन्दू समाज के साथ बढ़ते अन्याय तथा ईसाईयों व मुसलमानों के तुष्टीकरण के बीच सन 1957 में आई नियोगी कमीशन की आंखें खोल देने वाली रिपोर्ट ने हिन्दू समाज के कर्णधारों की नींद उड़ा दी। रिपोर्ट में ईसाई मिशनरियों द्वारा छल, कपट, लोभ, लालच व धोखे से पूरे देश में हिंदुओं के धर्मांतरण की सच्चाई सामने आने के बावजूद केंद्र सरकार ने इसे रोकने के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून बनाने से स्पष्ट मना कर दिया। इसके अलावा हिन्दू समाज में भी अनेक आंतरिक संघर्ष चल रहे थे। जिनके कारण भी देश का संत समाज चिंतित था। विदेशों में रहने वाला हिन्दू समाज भी अपनी विविध समस्याओं के समाधान के लिए भारत की ओर ताक तो रहा था किन्तु केंद्र सरकार के हिन्दुओं के प्रति उदासीन रवैये के कारण वह भी निराश था। ऐसे में हिन्दू समाज के जागरण और संगठन की आवश्यकता महसूस होने लगी।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक और हिदुस्थान समाचार के संस्थापक दादासाहेब आप्टे ने समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में कार्य करने वाली सज्जन शक्तियों को एक बैठक बुलायी। यह बैठक 29 अगस्त 1964 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पवई, मुम्बई स्थित पूज्य स्वामी चिनमयानन्द के आश्रम सांदीपनि साधनालय में बुलाई गई। इसमें पूज्य स्वामी चिनमयानन्द, राष्ट्रसंत तुकडो जी महाराज, सिख सम्प्रदाय से माननीय मास्टर तारा सिंह, जैन सम्प्रदाय से पूज्य सुशील मुनि, गीता प्रेस गोरखपुर से हनुमान प्रसाद पोद्दार, के. एम. मुंशी तथा पूज्य गुरुजी सहित 40-45 अन्य महानुभाव भी उपस्थित थे। इसी दिन इन महा-पुरुषों ने विश्व हिंदू परिषद के गठन की घोषणा कर दी।

हिन्दू समाज को संगठित और जागृत करने, उसके स्वत्वों, मानबिन्दुओं तथा जीवन मूल्यों की रक्षा और संवर्धन करने तथा विदेशस्थ हिंदुओं से संपर्क स्थापित कर उन्हें सुदृढ़ बनाने व उनकी सहायता करने सम्बन्धी विश्व हिंदू परिषद के तीन मुख्य उद्देश्य तय किए गए।

लव जेहाद को रोकने पर जोर देते हुए कहा कि कहा है कि लव जिहाद जनसंख्या पर सुनियोजित आक्रमण है। पुलिस, सरकार और समाज इन तीनों को मिलकर सतर्कता पूर्वक समयोचित कार्यवाही के लिए आगे आना होगा। उन्होंने लव जिहाद एक ऐसा षडयन्त्र है जो कुछ लोगों द्वारा जानबूझ कर पैसे, साधन व धार्मिक अंधविश्वासों के आधार पर चलाया जा रहा है। इसे रोका जाना नितांत आवश्यक है। कहा कि इस देश में रहने वाला प्रत्येक नागरिक हिन्दू है।

गौ रक्षा पर उन्होंने कहा कि भ्रष्ट सरकारी सिस्टम पर आश्रित न रहें। स्वयं भी गौ रक्षा, गौ हित के लिए प्रयास करें। श्री सिंह ने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई, महाराण प्रताप और आद्य शंकराचार्य जैसे महापुरुषों का गौरवशाली इतिहास पढ़ें और उस पर गर्व करें।हर कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ सक्रिय रहे।

विहिप के अशोक कुमार गुप्ता ने सक्रिय युवाओं का परिचय कराने के उपरांत कहा कि लव जिहादी से विवाहोपरांत लड़की को पता चलता है कि मैंने जिस लड़के से विवाह किया था वह विधर्मी है। खान-पान, वेश-भूषा, आचार-विचार तथा व्यवहार में उलटा है, तब उनकी स्थिति क्या होती है। यह बहुत सारे उदाहरणों से स्पष्ट है। इसलिए सचेत रहें। संगठन में शक्ति है।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान राम की पूजा अर्चना से किया गया। सोनपाल वर्मा के कुशल संचालन में इस सम्मेलन में अनिल लाहौरी, प्रिंस मौर्य, मनीष कुमार, अमित श्रीवास्तव, आलोक राठौर, शिवम शुक्ला, पवन कश्यप, पारस, पंकज राहुल राठौर, सनी गिहार, मनीष कुमार सहित सैकड़ों युवक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।