देश के प्रथम गांव माणा के लिए मास्टर प्लान बनाने की कवायद शुरू

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बाइब्रेंट विलेज माणा में मास्टर प्लान से किए जाएंगे सभी विकास कार्य

गोपेश्वर, 15 जून (हि.स.)। बाइब्रेंट विलेज माणा को मास्टर प्लान के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए देश के प्रथम गांव माणा का मास्टर प्लान बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तर्ज पर जिले के अन्य बाइब्रेंट विलेज को भी विकसित किया जाएगा।

जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बुधवार देर रात जीएमवीएन बदरीनाथ में आईएनआई के डिजाइन कंसल्टेंट सहित जनपद के सभी रेखीय विभागों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देशित किया कि माणा गांव में विद्युत, पेयजल लाईन, रास्ते, सडक, शिक्षा, स्वास्थ्य, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज सिस्टम, दूरसंचार एवं अपने विभाग से संबधित अन्य मौजूदा परिसंपत्तियों का पूरा सर्वेक्षण करें और शहरी विकास विभाग के मानकों की तर्ज पर आगामी 25 वर्षो की जरूरतों को मद्देनजर रखते हुए इसका पूरा डेटा शीघ्र उपलब्ध करें। ताकि माणा गांव में मास्टर प्लान के तहत काम शुरू किया जा सके।

बैठक के बाद जिलाधिकारी ने बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अन्तर्गत संचालित रिवर फ्रंट डवलपमेंट, सिविक एमीनिटी सेंटर, शेष नेत्र झील, मंदिर सौन्दर्यीकरण आदि कार्यो का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कार्यो को प्राथमिकता पर रखते हुए मास्टर प्लान के तहत संचालित सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा किया जाए।

बदरीनाथ धाम में बीआरओ बाईपास, लूप रोड़, सिविक एमीनिटी सेंटर, लेक सौन्दर्यीकरण का कार्य अंतिम चरण में है, वही रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, अराइवल प्लाजा, अस्पताल विस्तारीकरण तथा मंदिर सौन्दर्यीकरण के कार्य तेजी से किए रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत धाम में तीन चरणों में बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। पहले चरण के कार्य लगभग पूरे किए जा रहे है। जबकि दूसरे चरण में बदरीनाथ मुख्य मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण शुरू हो गया है। अंतिम चरण में मंदिर से शेष नेत्र झील को जोड़ने वाले आस्था पथ का निर्माण किया जाएगा।