उज्जैन: सूरत के 14 वर्षीय किशोर की अस्पताल ले जाते समय जाम में फंसने से मौत

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11HREG389 उज्जैन: सूरत के 14 वर्षीय किशोर की अस्पताल ले जाते समय जाम में फंसने से मौत

रामघाट पर काई से पैर फिसलने पर नदी में गिरा, अस्पताल ले जाते समय होश में था

उज्जैन, 11 जून (हि.स.)। सूरत के डिंडोली कस्बे के ग्राम धरन के रहनेवाले रामधन के 14 वर्षीय बेटे शुभम की रविवार को मौत हो गई। वह अपने परिवार के साथ शिप्रा नदी के रामघाट गया था। यहां सीढिय़ों पर पैर फिसलने पर नदी में गिर गया।

जब उसके पिता, आस पास खड़े लोगों ने उसे नदी से निकाला तो वह होश में था। पेट में पानी जाने के चलते उसके पेट से पानी भी निकाला गया। यहां से स्थानीय युवक ई रिक्शा के माध्यम से किशोर को लेकर जिला अस्पताल भागे। रविवार का दिन होने से महाकाल मंदिर क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ रही। इसी के कारण महाकाल मंदिर क्षेत्र में अत्यधिक जाम होने के कारण ई रिक्शा आगे बढ़ाने में समस्या आई। करीब आधे घण्टे के जाम के बाद शुभम को लेकर उसके पिता जिला अस्पताल आए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालात इतने लापरवाह थे कि दोपहर 12 बजे तक महाकाल थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी।

युवक ने किया सहयोग

जब बालक का पैर नदी में फिसला ओर शोर हुआ, उस समय गन्ने के रस का ठेला लगा रहे युवक अर्जुन कहार अपना काम छोड़कर नदी के मुहाने पर गया और बच्चे को नदी से निकालने में मदद की। अर्जुन ने चार ई-रिक्शा किए। पहले दो में किशोर को लेकर निकले वहीं बाकी दो में महिलाएं एवं बच्चों को लेकर निकले। रास्ते में जमकर जाम मिला। अर्जुन ने वाहनों को हटवाकर रास्ता साफ करवाया और ई रिक्शा आगे बढ़वाया। इस बीच वह और शुभम का पिता रामधन बच्चे को हिलाते, बोलते रहे। बच्चा रास्ते में रिस्पांस कर रहा था।

अर्जुन के अनुसार जाम के कारण अस्पताल आधे घण्टे से अधिक देरी से पहुंचे। इसके चलते बच्चे की सांस उखड़ गई और उसकी मौत हो गई। यदि जाम में नहीं फंसते तो बच्चा बच जाता। इधर अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक महाकाल थाना पुलिस भी नहीं पहुंची। रविवार होने से पोस्टमार्टम हेतु डॉक्टर नहीं पहुंचे। बाहर का परिवार होने से उसे स्थानीय लोगों ने मदद की और व्यवस्थाएं करवाई।

अर्जुन ने दिखाई सदाशयता

अर्जुन ने अस्पताल में चारों ई रिक्शा का किराया चुकाया। चौथे ई रिक्शा वाले को कम राशि मिली तो उसने फोन पे किया। इधर वह शुभम की मां के बेहोश होने पर डॉक्टर को बुलाकर लाया वहीं बीच-बीच में सभी को तेज गर्मी के बीच पानी भी पिलाता रहा। चर्चा में उसने कहाकि ये लोग हमारे शहर में आए हैं। इनको सहयोग नहीं करेंगे तो सूरत के लोग हमारे शहर को लेकर क्या कहेंगे?

पिता बोले: मेरे बच्चे की मौत का जिम्मेदार कौन?

शुभम के पिता रामधन ने रोते हुए आरोप लगाया कि घाट पर व्यवस्था ठीक नहीं थी। काई जमी थी। बच्चा उसी से फिसला। जीवन रक्षक तैराक,एम्बुलेंस,डॉक्टर्स वहां तैनात नहीं थे। जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु नहाने आए थे। रास्ते में जाम में फंस गए। इन सबके बीच उनका एकमात्र बच्चा चला गया। इसका जिम्मेदार कौन?