04HREG343 ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रीमहंत देव्यागिरी ने कीं माता गोमती की आरती
कबीर दास जी की जयंती पर श्रीमहंत ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया
लखनऊ, 04 जून (हि.स.)। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर रविवार को प्राचीन श्रीमनकामेश्वर मंदिर के उपवन घाट पर नमोस्तुते मां गोमती की आरती की गई। मंदिर की श्रीमहंत देव्यागिरी जी महाराज के सानिध्य में 11 वेदियों से आरती हुई। शंख-घंटों और मंत्रोच्चारण की ध्वनि से तट का वातावरण गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर श्रीमहंत ने कबीर दास जी का स्मरण करते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। महिलाओं ने कबीर के दोहे के भजन गाए।
मंदिर की ओर से प्रत्येक माह की पूर्णिमा पर होने वाली आरती की कड़ी में ज्येष्ठ की पूर्णिमा पर भी भव्य आरती हुई। गौरजा गिरि ने आरती के समय मंत्रोच्चार किया और पूजन सम्पन्न कराया।
इससे पहले मंदिर की मुख्यकार्यकर्ता उपमा पाण्डेय सहित अन्य सेवादार सुनीता,पूजा,नीतू शमार, लक्ष्मी ने वेदियों पर रंगोली सजाई और दीप प्रज्जवलित किए। वेदियों से गौरव शुक्ल, रवि, प्रमोद, अनूप, हिमांशु, प्रदीप,अश्वनी तरुण,सचिन प्रखर ने आरती की। आरती में शामिल होने आए श्रद्धालुओं ने गोमती स्वच्छता का भी संकल्प लिया।
श्रीमहंत देव्यागिरी जी महाराज ने कबीरदास जी को याद करते हुए कहा कि वह एक बहुत बड़े समाज सुधाकर थे, समाज के पाखण्ड पर उन्होंने जबर्दस्त कटाक्ष किया। समाज को एक दिशा देने के काम किया। आज उनकी पावन जयंती पर हम उन्हें नमन् करते हैं।