13HNAT22 भोपालः सतपुड़ा भवन में लगी आग 20 घंटे बाद काबू में आई, दफ्तरों में आज छुट्टी घोषित
भोपाल, 13 जून (हि.स.)। राजधानी भोपाल में मंत्रालय (वल्लभ भवन) के सामने स्थित सतपुड़ा भवन में सोमवार शाम 4:00 बजे लगी भीषण आग पर करीब 20 घंटे चले रेस्क्यू के बाद मंगलवार दोपहर 12:00 बजे तक पूरी तरह से काबू पाया जा सका। इसके बाद सतपुड़ा भवन में संचालित होने वाले सभी सरकारी दफ्तरों की मंगलवार को छुट्टी घोषित कर दी गई। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है।
दरअसल, सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल पर संचालित जनजातीय कार्य विभाग के दफ्तर में सोमवार को शाम चार बजे आग लगी और देखते ही देखते ही आग ने छठवीं मंजिल तक पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे भवन में रखे दस्तावेज जलकर खाक हो गए। भीषण आग के बाद सतपुड़ा भवन को खाली करा लिया गया। आग की वजह से आसपास दो किलोमीटर के दायरे में धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। आग से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
आग बुझाने की कोशिशें नाकाम होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देर रात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से एयरफोर्स की मदद मांगी। आग पर काबू पाने के लिए देर रात वायु सेना की टीम सतपुड़ा भवन पहुंच गई। रात में सेना के 10 ट्रक से लगभग 100 जवान चार फायर फाइटरों के साथ आग बुझाने में जुट गए। तेजी से बढ़ रही आग को काबू करने के लिए बिल्डिंग में अलग-अलग दिशा से सेना के जवानों ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की दमकलों से पानी का छिड़काव किया। करीब 50 वाहन, पानी के 500 से अधिक टैंकर आग बुझाने में जुटे रहे। एयरफोर्स के दो अफसर और पांच जवानों ने सतपुड़ा भवन की लोकेशन-पोजीशन रिपोर्ट तैयार की। एयरफोर्स के अफसर यहां रात करीब 3 बजे तक रुके।
एडीजी फायर आशुतोष राय ने कहा कि प्रथमदृष्टया यही लगता है कि एसी में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी है। हालांकि, मंगलवार सुबह 8:00 बजे तक टीम ने आग पर काबू पा लिया था, लेकिन सुबह साढ़े नौ बजे फिर 6वीं मंजिल पर धुआं उठने लगा। इसके बाद फायर फाइटर्स की टीम ने दोपहर 12 बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पाया। इधर, सुबह करीब पौने दस बजे कर्मचारी दफ्तर पहुंचने लगे थे, लेकिन आग लगने के चलते मंगलवार को सतपुड़ा भवन स्थित कार्यालय के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया। इसकी सूचना मिलने के बाद कर्मचारी अपने-अपने घरों को वापस लौट गए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना को लेकर सुबह अपने निवास कार्यालय में आपात बैठक बुलाई। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी सहित गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, स्वास्थ्य डॉ. प्रभुराम चौधरी, अधिकारियों में राजेश राजौरा, मो. सुलेमान, नीरज मंडलोई व संबंधित अधिकारी शामिल रहे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री ने जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि ‘वहां कोई भी ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं थे, जो इस तरह का काम किया जाए। कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद हैं। इस भवन में 4000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते थे, कोई इस तरह की साजिश क्यों करेगा।’
गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ‘डिजिटल युग में दस्तावेज नष्ट करना संभव नहीं है। थोड़ा समय लगेगा, लेकिन जल्द पूरा बैकअप क्रिएट कर लिया जाएगा। आज शाम से वैकल्पिक दफ्तर शुरू हो जाएंगे और कल से कर्मचारी काम शुरू कर देंगे। कांग्रेस के आरोप पर उन्होंने कहा कि कैसे कोई पेट्रोल-केरोसिन ले जाएगा। कांग्रेस हादसों पर राजनीति करती है।
वहीं, मुख्यमंत्री चौहान के निर्देश पर गठित अफसरों की टीम सतपुड़ा भवन में जांच के लिए पहुंची। जांच दल के सदस्य गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने कहा कि ‘प्रारंभिक जायजा लिया गया है। अभी आग लगने के कारणों पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी।’
भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह का कहना है, ‘हमारी प्राथमिकता थी कि कोई जनहानि न हो और आसपास के इलाकों में आग न फैले। मुख्यमंत्री ने पूरे समय इस घटना की मॉनिटरिंग की। केंद्र सरकार से आर्मी की भी मदद ली गई। सभी एजेंसीज-सेना, सीआईएसएफ, बीएचईएल, एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रयासों से आग काबू में है।
12 हजार से ज्यादा फाइल्स जलकर राख हुईं
सरकार का अनुमान है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और एसी के कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से फैलती गई। पूरे ऑफिस में 30 से ज्यादा एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट हुए हैं। आग बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से शुरू हुई और छठी मंजिल तक पहुंच गई थी। जब आग लगी, तब बिल्डिंग में करीब एक हजार कर्मचारी मौजूद थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। बताया जा रहा है कि इन चार मंजिलों में रखी 12 हजार से ज्यादा फाइलें खाक हो चुकी हैं। इनमें ज्यादातर फाइलें चिकित्सा विभाग से संबंधित थीं।