पीएम किसान योजना के 14वीं किश्त भेजने की तैयारी

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03HREG398 पीएम किसान योजना के 14वीं किश्त भेजने की तैयारी

-2,04,795 किसानों की ई-केवाईसी नहीं : उप कृषि निदेशक

प्रयागराज, 03 जून (हि.स.)। पीएम किसान योजना के अन्तर्गत 14वीं किश्त भेजने की तैयारी हो रही है। यहां पैसा केवल उन किसानों को मिलेगा, जिनकी ई-केवाईसी हो चुकी है, जिनके खाते में आधार की सीडिंग हो चुकी है, डीबीटी के लिये इनेबल कर दिये गये हैं। जिन किसानों के तीनों काम नहीं हुए हैं, उन्हें उक्त धनराशि नहीं मिलेगी। जनपद में अभी 2,04,795 लाख ऐसे किसान हैं जिनकी ई-केवाईसी नहीं हुई है। अगर वे 31 जुलाई से पहले ये तीनों काम नहीं करा लेते हैं तो उन्हें अपात्र मानते हुए वसूली की भी कार्यवाही करायी जायेगी।

उप कृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि जिन किसानों की ईकेवाईसी नहीं हुई है, वे अपने गांव में लगने वाले कॉमन सर्विस सेन्टर के कर्मचारी से करा लें। कृषक के पास यदि स्मार्ट फोन है तो वे स्वयं पीएम किसान जीओआई ऐप अपने मोबाइल में इन्स्टाल करके स्वयं ईकेवाईसी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पीएम किसान पोर्टल पर ओटीपी विधि से ईकेवाईसी कर सकते हैं, किन्तु इसके लिये आधार के साथ उनका मोबाइल जुड़ा होना आवश्यक है। यदि किसानों के आधार से मोबाइल नहीं जुड़े हैं, उन्हें अपना आधार कार्ड किसी आधार संशोधन केन्द्र पर जाकर अपना मोबाइल नम्बर आधार के साथ अपडेट कराना होगा, अन्यथा की स्थिति में किसानों की किश्त नहीं भेजी जायेगी।

उन्होंने बताया कि जनपद में 72,238 ऐसे किसान हैं, जिनके खाते में आधार की सीडिंग, एनपीसीआई पर नहीं है और वे डीबीटी की धनराशि प्राप्त करने के लिये अधिकृत नहीं है। ऐसा उन किसानों के साथ भी है जिनके एक से अधिक खाते हैं, संयुक्त खाते हैं अथवा आईएफएससी कोड मिसमैच है। ऐसे स्थितियों में किसान गांव में लगने वाले कैम्प दिवस में आईपीपीबी के कर्मचारी से या अपने निकट के पोस्ट आफिस में अपना आधार और मोबाइल नम्बर लेकर जायें और 200 रुपये से एनपीसीआई सीड और डीबीटी इनेबल खाता खोलने से समस्या का समाधान हो जायेगा। इस प्रकार एनपीसीआई सींडंग कराने के बाद किसानों को कोई अभिलेख नहीं जमा करना होगा।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में 23,882 किसान ऐसे हैं जिनकी जमीन या भूमि का विवरण उनके पीएम किसान डेटा में नहीं है। इसमें 510 किसान सदर में, 6416 बारा में, 1781 हण्डिया में, 3073 करछना में, 954 कोरांव में, 5335 मेजा में, 3616 फूलपुर में और 2197 किसान सोरांव तहसील में हैं। ऐसे कृषक अपने खतौनी की प्रमाणित प्रति अपने गांव में आयोजित होने वाले कैम्प में उपस्थित राजस्व विभाग के कर्मचारी लेखपाल या कृषि विभाग के कर्मचारी को उपलब्ध करा दें। जनपद में 1,75,000 किसानों का नया पंजीकरण हुआ है। उनमें से एक लाख किसानों का अप्रूवल हो चुका है। जो अवशेष रह गये हैं उनके या तो तहसील या जनपद स्तर लाॅगिन पर लम्बित हैं। ऐसे कृषक जो जनपद लाॅगिन पर लम्बित है, सीधे उप कृषि निदेशक, प्रयागराज के कार्यालय में अपने घोषणापत्र, खतौनी की प्रति, आधार की छायाप्रति के साथ उपलब्ध करा सकते हैं। अथवा अपने विकासखण्ड के राजकीय कृषि बीज भण्डार पर प्राप्त करा दें।

अंत में उन्होंने बताया कि यह अंतिम अवसर है कि वे सभी किसान जिनके खाते में किन्हीं कारणों से पैसा नहीं जा रहा है एनपीसीआई वाले खाते खोल लें। जिनके भूलेख दर्ज नहीं है वे भूलेख उपलब्ध करा दें तथा जिनके नये पंजीकरण हैं वे अपने अभिलेख जमा करा दें। जिससे उन्हें पीएम किसान की किस्त निर्बाध गति से प्राप्त करने के लिये सक्रिय किया जा सके।