09HREG153 मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से मध्य प्रदेश में बना उत्सवी माहौल
भोपाल, 09 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लाड़ली बहना योजना के तहत शनिवार (10 जून) को प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित करेंगे। इस योजना से प्रदेश में उत्सव का माहौल बन गया है।
महिलाओं के जीवन की कठिनाइयों और हीनता की स्थिति को जिस असाधारण संवेदनशीलता से मुख्यमंत्री ने महसूस किया, वह अहसास सहानुभूति से बढ़कर आत्मानुभूति के स्तर को स्पर्श करता है। इस वेदना से उपजे महिलाओं का जीवन बदलने के भाव की अभिव्यक्ति मुख्यमंत्री के इन शब्दों में होती है, “मैं बहन-बेटियों के सारे आंसू पी जाना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि उनका जीवन सुख-आनंद और प्रसन्नता से भरा हो, उन्हें आगे बढ़ने के सारे मौके मिलें।”
मुख्यमंत्री ने नर्मदा जयंती और नर्मदापुरम के गौरव दिवस 28 जनवरी 2023 को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लागू करने की घोषणा की थी। योजना में सभी वर्गों की गरीब बहनों को प्रति माह एक हजार रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन पांच मार्च को भोपाल के जम्बूरी मैदान से इस योजना लागू करने की घोषणा की। जिन परिवारों की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम है, जिनके पास 5 एकड़ से कम भूमि है और जिन परिवारों में कोई आयकरदाता नहीं है, ऐसे परिवारों की 23 से 60 आयु वर्ग की बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये डाले जाएंगे। जिन बहनों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते खुलवाने में मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हर मंच से बहनों को संदेश दिया कि बहनें योजना का लाभ लेने के लिए किसी बिचौलिये या दलाल के झांसे में न आएं। बहनों को कठिनाई से बचाने और उनकी मदद के लिए फोन नम्बर 181 जारी किया गया। महिला सशक्तीकरण की ओर अगला कदम बढ़ाते हुए बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए लाड़ली बहना सेना भी बनाई जाएगी। यह सेना बहन-बेटियों की सुरक्षा, उनके मान-सम्मान के लिए तो काम करेगी ही, शासकीय योजनाओं का लाभ दिलवाने और बहनों को आगे बढ़ने में मदद भी करेगी।
मुख्यमंत्री ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि प्रदेश के सभी गांव और वार्डों में निवासरत बहनों को योजना की जानकारी मिले और कोई भी पात्र बहन आवेदन से वंचित न रहे। पूरे प्रदेश में व्यापक प्रचार अभियान और व्यक्तिगत सम्पर्क से जानकारियां देने के लिए गतिविधियां संचालित की गईं। जन-प्रतिनिधियों, जन सेवा मित्रों, पेसा मोबाइलाइजर्स, जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन समितियों, अन्त्योदय समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों, स्वच्छता दूत, किसान मित्रों, सहयोगिनी मातृ समितियों, शौर्या दल के सदस्यों और स्वयंसेवी संगठनों को हर पात्र बहन से सम्पर्क करने के लिए सक्रिय किया गया। नुक्कड़ नाटकों, लोक गीत, लोक नृत्यों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रेडियो जिंगल, होर्डिंग, समाचार-पत्र और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से हर मोहल्ले, गली-कूचे तक योजना के लिए वातावरण बनाया गया।
मुख्यमंत्री ने जिलों में जाकर किया बहनों से संवाद
मुख्यमंत्री ने बहनों को योजना से जोड़ने के लिए स्वयं भी प्रदेश के 24 जिलों में जाकर महिला सम्मेलनों के जरिये बहनों से संवाद किया और योजना के बारे में उनका फीड बैक लेकर महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिला सम्मेलन में बहनों से सीधा संवाद किया और सामूहिक विवाह सम्मेलनों में भी बहन-बेटियों को योजना की जानकारी दी। उन्होंने पात्र नव-विवाहिताओं को भी योजना से जोड़ने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की अपील का प्रदेश में व्यापक असर रहा। योजना में अब तक एक करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों ने पंजीयन करा लिया है। पंजीयन कराने वाली प्रदेश की लगभग 91 प्रतिशत महिलाओं के डीबीटी खाते सक्रिय हो चुके हैं। मुख्यमंत्री की इस पहल से बहनें उत्साह से भरी हैं। प्रदेश के सभी जिलों से भैया शिवराज को बहनों की पातियां लगातार प्राप्त हो रही हैं।
बताशे, आतिशबाजी और व्यंजनों से 10 जून को यादगार बनाएंगी बहनें
प्रदेश में 10 जून को लाड़ली बहनों के बैंक खातों में पैसा आने की खुशी अलग-अलग तरीके से अभिव्यक्त होगी। दतिया में बहनों ने आंनद उत्सव मनाने का सोचा है। महिलाएं घर से व्यंजन बनाकर लाएंगी, बच्चे स्थानीय खेल खेलेंगे और सब मिल बैठकर बैंड और डीजे के साथ उत्सवी वातावरण में व्यंजनों का आनंद लेंगे। उज्जैन जिले की कई पंचायतों में नुक्कड़ नाटक, टीकमगढ़ में लोक गीतों का कार्यक्रम रखा गया है। मंदसौर में कलश यात्रा निकलेगी और दीपोत्सव मनाया जाएगा। विदिशा के कई गांवों में बताशे बांटकर, आतिशबाजी के साथ 10 जून के ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाया जाएगा। लगभग सभी जिलों में 10 जून पर अलग-अलग तरह के कार्यक्रम कर बहनें अपनी खुशी जाहिर करेगी।