03HREG415 कन्नौज: पुलिस चौकी में घुसकर मारपीट करने वाले भाजपा सांसद समेत अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज
अपहरणकर्ताओं को छुड़ाने की कोशिश में शुक्रवार की देर रात हुआ था बबाल
कन्नौज, 03 जून (हि.स.)। शुक्रवार की रात चौकी में घुसकर पुलिसकर्मियों की पिटाई के मामले में भाजपा सांसद समेत 10 नामजद और 42 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
घटना सदर कोतवाली की मंडी समिति चौकी की है। बीती रात को यहां जुटी युवकों की भीड़ ने सरायमीरा और मंडी समिति चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की। गाली-गलौज और हंगामें के साथ ही मंडी में भीड़ एकजुट हो गई।
बवाल की सूचना पुलिस कर्मियों ने उच्चाधिकारियों को दी। कुछ ही देर में घटनास्थल पर जिले के कन्नौज, छिबरामऊ और तिर्वा के पलिस क्षेत्राधिकारी समेत ठठिया, तिर्वा, इंदरगढ़, गुरसहायगंज, तालग्राम, सौरिख और छिबरामऊ थानों का फोर्स पहुंच गया। इसके अलावा एक प्लाटून पीएसी, स्वाट और एसओजी टीम भी पहुंच गई। फोर्स को आता देख हंगामा और उपद्रव कर रहे युवक वहां से खिसक गए। मारपीट में घायल पुलिसकर्मियों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
बवाल के पीछे युवकों के बीच रुपयों और बाइक के लेनदेन सामने आया है। मूल रूप से कन्नौज के प्रेमनगर गांव के निवासी रामबाबू यादव के दो बेटे नीलेश यादव और दीपू यादव उन्नाव जिले के औरास कस्बे में रहकर किराए पर मोबाइल की दुकान चलाते हैं। यहां उनका कुछ युवकों से रुपयों का लेनदेन चल रहा था। कुछ समय पहले नीलेश यादव कन्नौज के किसी युवक की बाइक मांगकर ले आया था, लेकिन फिर उसने बाइक नहीं लौटाई।
बार-बार कॉल का जवाब न देने पर कन्नौज के युवक औरास पहुंच गए। जहां उन्होंने नीलेश को पकड़ लिया और मारपीट कर उसे अपनी बाइक पर बैठाकर कन्नौज ले आए। इस बीच नीलेश के भाई दीपू यादव ने औरास थाने में तहरीर देकर नीलेश के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
अपहरण की सूचना मिलते ही औरास थाने में तैनात दरोगा राजीव त्रिपाठी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम अपहरणकर्ताओं का पीछा करते हुए कन्नौज आ गई। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने सरायमीरा पूर्वी बाईपास स्थित एक जिम से नीलेश को बरामद कर लिया। जबकि उसके अपहरण के आरोप में सरायमीरा के देविन टोला मोहल्ला निवासी प्रभाकर कुशवाहा और सागर शर्मा समेत पांच युवकों को जिम के अंदर से पकड़ लिया। उन्नाव पुलिस सभी आरोपियों को लेकर कन्नौज से उन्नाव के लिए रात को ही रवाना हो गई।
इधर, जब मामले की जानकारी आरोपी युवकों के करीबी भाजपा नेताओं को हुई तो उन्होंने मंडी चौकी पुलिस से बातचीत की। कहासुनी हुई तो फिर मामला गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद उन्नाव पुलिस ने एक युवक को छोड़ने की बात कही, जबकि चार युवकों को औरास थाने लेकर चली गई।
पुलिस के मुताबिक, जब चार युवकों को लेकर उन्नाव पुलिस चली गई तो भाजपा कार्यकर्ता मंडी समिति चौकी पहुंच गए और चारों युवकों को छुड़वाने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि चौकी में घुसे युवकों ने भाजपा सांसद सुब्रत पाठक से फोन पर बात करानी चाही, जिसपर चौकी इंचार्ज ने बात करने से मना कर दिया। इसके बाद भाजपाई भड़क गए।
चौकी इंचार्ज हाकिम सिंह द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में सांसद से एक कार्यकर्ता के फोन द्वारा बात कराए जाने का उल्लेख है, जिसमें कहा गया था की सांसद ने उन्हें फोन पर धमकी दी और कुछ देर बाद सांसद स्वयं भी चौकी पहुंचे और चौकी इंचार्ज का कालर पकड़कर उनपर हमला किया, इसके बाद ही बबाल बढ़ा और कार्यकर्ताओं के हमले से कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मंडी समिति चौकी में मारपीट में चोटिल हुए एसआई हाकिम सिंह, एसआई हेमंत कुमार, एसआई तरुण सिंह के अलावा कांस्टेबल रोहित लवानिया, लवी खारी, सुभाष कुमार और नीरज कुमार को जिला अस्पताल भेजा गया। जहां मेडिकल परीक्षण के बाद उनका इलाज किया गया।
इसके बाद चौकी प्रभारी हाकिम सिंह ने तहरीर देकर भाजपा सांसद सुब्रत पाठक, सचेत पांडेय, पुष्पेंद्र प्रजापति, विजय पांडेय, वासु मिश्रा, नयन मिश्रा, अवनीश, मोहित कठेरिया, जितेंद्र शुक्ला और सूरज राजपूत को नामजद कर 42 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई है।
पुलिस की पिटाई मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से 2-3 ट्वीट किए गए। जिसमें उन्होंने इसे भाजपा सांसद की गुंडई करार देते हुए मुख्यमंत्री से कार्यवाही की मांग की है। सपा ने अपहरणकर्ताओं से सांसद के सम्बन्धों पर सवाल करते हुए भी ट्वीट किया है।
मामले को लेकर सदर कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिये हैं। मंडी समिति परिसर में और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से युवकों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही मारपीट करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर सकती है।