राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान राष्ट्रभाव से ही सम्भव : रामकुमार वर्मा

Share

12HREG452 राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान राष्ट्रभाव से ही सम्भव : रामकुमार वर्मा

–आरएसएस के संघ शिक्षा वर्ग का समापन समारोह

प्रयागराज, 12 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान प्रबल राष्ट्र भाव के जागरण से ही सम्भव है। राष्ट्र भाव का यदि जागरण हो गया तो इस राष्ट्र को कोई मिटा नहीं सकता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रबल राष्ट्र जागरण के कार्य में ही निरंतर लगा हुआ है। देश के भीतर की कुछ शक्तियां गजवा ए हिंद को चोरी छिपे समर्थन देकर इस राष्ट्र को कमजोर करने की फिराक में है। देशवासियों को इनसे सावधान रहने की जरूरत है।

यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के सह क्षेत्र संघचालक राम कुमार वर्मा ने सोमवार को सायंकाल गौहनिया स्थित वात्सल्य परिसर में पिछले 20 दिनों से चल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष (सामान्य) के समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों एवं नागरिकों को सम्बोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर उन्होंने अमृत महोत्सव के दौरान पूरे देश भर में संघ ने राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले ऐसे वीर सपूतों की देशवासियों को याद दिलाई जिन्हें इतिहास के पन्नों में स्थान नहीं मिल सका था। उन्होंने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्यारोहण की 350वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में तथा महर्षि दयानंद की 200वीं जयंती पर वर्ष भर सम्पूर्ण देश में राष्ट्रीयता एवं सांस्कृतिक नवजागरण का अभियान चलेगा। इसी से राष्ट्र के नवोत्थान का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र का भावात्मक स्वरूप ही राष्ट्रभाव कहा जाता है। यह सनातन सांस्कृतिक हिन्दू राष्ट्र है। यहां राष्ट्रपिता की कल्पना कठिन है।

सह क्षेत्र संघचालक ने देशवासियों को आगाह किया कि देश के भीतर की कुछ शक्तियां गजवा ए हिंद जैसे अभियान को चोरी-छिपे अपना समर्थन दे रही है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। देश में बढ़ रहे ईसाई मतान्तरणरण, लव जिहाद, अप संस्कृति के बढ़ते प्रयोग, स्व भाषा के प्रति सम्मान की कमी, लिव इन रिलेशन, समलैंगिकता से भी देश कमजोर हो रहा है। समय रहते देशवासियों को जागरूक होकर इसका प्रतिकार करना होगा। इससे देश कमजोर हो रहा है। केक काटकर बर्थडे मनाना, टाई बांधना, नाम पट्टी अंग्रेजी में लिखना छोड़ना पडेगा।

उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक समरसता, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, कुटुम्ब प्रबोधन, स्वदेशी भाव के जागरण तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति पूर्ण समर्पण जैसे उपायों से इस राष्ट्र को सशक्त एवं सुदृढ़ किया जा सकता है। संघ के स्वयंसेवकों को इन उपायों का अवलम्बन करना होगा। इसी से नष्ट होती मर्यादाओं को बचाया जा सकता है। राम बनकर सबरी के झूठे बेर तथा केवट को गले लगाना होगा, तब हिन्दू समाज मजबूत होगा। स्वदेशी, स्वभाषा स्वभूषा का अभिमान जरूरी है। नागरिक शिष्टाचार किसी राष्ट्र की मजबूती जरूरी है, तभी समान नागरिक संहिता लागू हो सकेगी। इसके अनुपालन से अखंड भारत का सपना साकार हो सकेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुदावणे ने कहा कि संघ राष्ट्र को सर्वोपरि समझता है। आप ने जीवन की शिक्षा प्राप्त की है। इसके लिए आप सभी को बधाई। नागपुर की पवित्र भूमि मेरा गृह जनपद है। वर्ग में आकर मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझ रहा हूं। मंच पर प्रांत संघचालक डॉ विश्वनाथ लाल निगम, वर्ग अधिकारी सीताराम केसरी विभाग संघचालक प्रो केपी सिंह उपस्थित रहे।

इसके पूर्व परम पवित्र भगवा ध्वज का ध्वजारोहण हुआ और सामूहिक संघ प्रार्थना के साथ अनुशासनबद्ध स्वागत प्रणाम हुआ। वर्ग में पिछले 23 मई से शिक्षण प्राप्त कर रहे गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से प्रत्युत्प्रचलनम, प्रदक्षिणा संचलन, सामूहिक समता, दण्ड, दण्डयोग, दंड प्रहार पदविन्यास नियुद्ध, योग आदि का समवेत आकर्षक प्रदर्शन किया। वर्ग गीत के बाद अतिथि परिचय एवं वर्ग वृत्त वर्ग कार्यवाह घनश्याम ने प्रस्तुत किया। आभार ज्ञापन वर्ग व्यवस्था प्रमुख राकेश सेंगर, अमृत वचन मधुरम एवं आशुतोष तथा एकल गीत चंद्रभूषण ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में गंगा समग्र के राम आशीष, सहप्रांत संघचालक अंगराज, सहप्रांत कार्यवाह प्रो राजबिहारी, प्रांत प्रचारक रमेश, सह प्रांत प्रचारक मुनीश, विभाग प्रचारक नितिन आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।