अरशद वारसी को ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ से करियर खत्म होने का था डर

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13HENT8 अरशद वारसी को ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ से करियर खत्म होने का था डर

अपनी लाजवाब अदाकारी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले अभिनेता अरशद वारसी इन दिनों अपनी वेब सीरीज ‘असुर-2’ को लेकर सुर्खियों में हैं। अरशद ने ‘हासिल’, ‘गोलमाल सीरीज’, ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’, ‘लगे रहो मुन्नाभाई’, ‘जॉली एलएलबी’ जैसी अलग-अलग फिल्मों में काम किया है। उन्हें असली पहचान ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में अपने किरदार सर्किट से मिली और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

उन्होंने कहा कि ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में भूमिका खराब थी और उन्हें डर था कि इससे उनका करियर खत्म हो सकता है। इससे पहले मकरंद देशपांडे से भी इस रोल के लिए पूछा गया था। अरशद ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने यह रोल सिर्फ राजकुमार हिरानी के लिए किया था।

एक इंटरव्यू में अरशद ने कहा, “इस फिल्म के बाद मुझे पता था कि मेरी जिंदगी बर्बाद होने वाली है। मुझे लगा था कि यह फिल्म मेरी आखिरी फिल्म होगी। यह एक गुंडे का रोल था जिसे मकरंद देशपांडे जैसे एक्टर्स ने रिजेक्ट कर दिया था। फिल्म हिट हो या फ्लॉप, मुझे इससे कुछ नहीं मिलने वाला। यहां तक कि संजय दत्त को भी इस फिल्म को लेकर इतना भरोसा नहीं था।”

अरशद ने आगे कहा, “मैं राजकुमार हिरानी को एक व्यक्ति और एक निर्देशक के रूप में प्यार करता हूं। मुझे कहानी पसंद आई, लेकिन मुझे पता था कि मुझे इस फिल्म से कुछ नहीं मिलने वाला, क्योंकि ऐसा गुंडा आज तक किसी ने किसी फिल्म में नहीं देखा।” इस फिल्म ने न सिर्फ संजय दत्त के करियर की शुरुआत की, बल्कि अरशद वारसी जैसे अभिनेताओं को भी अलग अंदाज में इंडस्ट्री में पेश किया और इस फिल्म ने इतिहास रच दिया। फिलहाल राजकुमार हिरानी शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘डंकी’ में काम कर रहे हैं।