12HREG249 आर्थिक समृद्धता से अधिक आवश्यक पर्यावरण की समृद्धता : राज्यपाल पटेल
– राज्यपाल की अध्यक्षता में एप्को साधारण सभा की बैठक हुई
भोपाल, 12 जून (हि.स.)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रदूषण के रोकथाम के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया जाए। आर्थिक हितों के लिए पर्यावरण की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाए। प्रदूषण की संभावना के क्षेत्र और संस्थाओं की गहन निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि यह समझना आवश्यक है कि सुरक्षित भविष्य के लिए आर्थिक समृद्धता से अधिक आवश्यक सुरक्षित, समृद्ध पर्यावरण का होना है। इसी के दृष्टिगत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पर्यावरण की चुनौतियों के लिए सामूहिक सहभागिता के साथ वैश्विक अभियान “मिशन लाइफ” शुरू किया है।
उक्त बातें राज्यपाल पटेल ने सोमवार को राजभवन के सांदीपनि सभागार में पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन एप्को की 12वीं साधारण सभा की अध्यक्षता करते हुए कही।
जन-सहभागिता के छोटे प्रयासों से होते बड़े बदलाव
राज्यपाल ने कहा कि समाज में पर्यावरण चेतना के लिए ऊर्जा, जल की बचत, कचरा, ई-वेस्ट को कम करने, एकल उपयोग प्लास्टिक को रोकने, सतत खाद्य प्रणालियों और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के संबंध में जन-जागृति, प्रोत्साहन और नियंत्रण के समन्वित प्रयासों पर बल देना होगा। स्कूलों में बच्चों की सहभागिता से पौध-रोपण और पर्यावरण-संरक्षण के कार्य करने होंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात मंत्रि-मंडल के वन मंत्री के अपने कार्यकाल के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे से दिखने वाले प्रारंभिक प्रयास ही बड़े बदलाव लाते हैं। उन्होंने कच्छ के रेगिस्तान में शिक्षक दंपति द्वारा 1500 पौधों का छोटे बच्चों से रोपण कराने, प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से पुनीत वन और अंबाजी के मेले में नव-दम्पत्तियों द्वारा पौध-रोपण, राशि वन, नवग्रह वन, नक्षत्र वन में जन-सहभागिता से पौध-रोपण और बड़े पौधों का रोपण कराने के नवाचारों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में अभियान स्तर पर पौध-रोपण के प्रयासों के लिए प्रेरित किया। बच्चों को खान-पान के व्यवहार के सम्बन्ध में सूचित और शिक्षित किए जाने की आवश्यकता बताई।
पर्यावरण-संरक्षण के कार्यों के लक्ष्य तय किए जाएं
पटेल ने कहा कि पर्यावरण-संरक्षण के कार्यों के लक्ष्य तय किए जाएं। लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परियोजना बनाई जाए। परियोजना के लक्ष्यों की वार्षिक कार्य-योजना तैयार कर प्रयास किए जाएँ। इसी तरह कार्य करते हुए सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और स्कूलों में शत-प्रतिशत पौध-रोपण किया जा सकता है। पौध-रोपण में दो से तीन वर्ष के पौधे ही लगाए जाने चाहिए।
उन्होंने वन विभाग को बड़े पौधे उपलब्ध कराने की निर्देश दिए। पर्यावरण विषय पर शोध, प्रशिक्षण तथा परियोजना निर्माण के लिए समन्वय में एप्को की भूमिका को मजबूत बनाने की जरूरत बताई। प्रतिवर्ष साधारण सभा की बैठक, विश्व पर्यावरण दिवस से एक पखवाड़े के भीतर आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अंकुर अभियान में रोपित पौधों की उत्तरजीविता की जानकारी लेने और मृत पौधों का पुनर्रोपण किए जाने की आवश्यकता बताई। इंदौर के सिरपुर, यशवंत सागर और शिवपुरी के संख्या सागर तालाब को रामसर साइट के रूप में केन्द्र सरकार द्वारा चिन्हित किए जाने पर राज्य सरकार को बधाई दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के गुणवत्ता मानकों के आधार पर नदियों के प्रदूषण के क्षेत्र को चिन्हित कर खान, शिप्रा, बेतवा और सोन नदी के पर्यावरणीय-संरक्षण के कार्य कराए जाने के लिए कहा।
राज्यपाल ने की “मिशन लाइफ” पुस्तक लोकार्पित
राज्यपाल पटेल ने पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली की दिशा में व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों के प्रशिक्षण के लिए तैयार की गई “मिशन लाइफ” पुस्तक का लोकार्पण संदीपनी सभागार, राजभवन में किया। महानिदेशक एप्को गुलशन बामरा ने एप्को के गठन, गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्य-सूची का बिन्दुवार प्रस्तुतिकरण कार्यपालक संचालक मुजीबुर्रहमान खान ने किया। सभा में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास नीरज मण्डलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा एवं साधारण सभा के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / उमेद/मुकेश
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सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार हैं किसान : ऋषिपाल अंबावता
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12HREG249 सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार हैं किसान : ऋषिपाल अंबावता
-भाकियू अंबावता का अधिवेशन हुआ, प्रधानमंत्री को भेजा छह सूत्रीय ज्ञापन
हरिद्वार, 12 जून (हि.स.)। अलकनंदा घाट पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय अधिवेशन एवं चिंतन शिविर के तीसरे तीन यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विचार विमर्श कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
6 सूत्रीय ज्ञापन में सरकार से कर्ज माफी, एमएसपी, गन्ना मूल्य, शुगर मिलों पर बकाया भुगतान के साथ हरिद्वार में अवैध खनन पर रोक और शराब की दुकानों को शहर की सीमा से पांच किलोमीटर दूर करने की मांगें शामिल हैं। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में प्रभारी तहसीलदार मधुकर जैन ने अधिवेशन स्थल पर पहुंचकर किसानों से ज्ञापन लिया।
अधिवेशन में भाकियू अंबावता के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि किसान अब जागरूक हो चुका है और किसी के बहकावे में आना वाला नहीं है। सरकार की उपेक्षा से आहत किसान 2024 के लोकसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन करने के लिए तैयार हैं। चौधरी ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और आम जनता की उम्मीदों को पूरा करने में नाकाम रही है। दिल्ली में चले किसान आंदोलन के दौरान 800 किसान शहीद हो गए। आंदोलन समाप्त कराने के लिए सरकार और किसानों के बीच हुई वार्ता में सरकार ने किसानों से एमएसपी पर गारंटी देने का वादा किया, लेकिन वादे को पूरा नहीं किया गया। जिसे लेकर पूरे देश के किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, किसान नेता स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत, पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह भाकियू अंबावता के आदर्श हैं। इनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए यूनियन लगातार किसानों के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही है। राष्ट्रीय महासचिव शमशेर सिंह दहिया ने कहा कि किसान देश की ताकत हैं। किसान आर्थिक रूप से समृद्ध होगा तो देश प्रगति करेगा। लेकिन सरकार की नीतियों के चलते किसान लगातार आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों को किसान समझ चुके हैं और 2024 में होने वाले सत्ता परिवर्तन करने में किसानों की मुख्य भूमिका होगी। च
चौधरी जोगेंद्र सिंह अंबावता और प्रवीण अंबावता ने कहा कि अधिवेशन में चर्चा के बाद तय रणनीति के अनुसार किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिवेशन में पूरे देश से आए किसान राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता के संदेश का प्रचार प्रसार करेंगे और दो अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित महापंचायत में निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री अवतार सिंह भड़ाना, राष्ट्रीय महासचिव शमशेर सिंह दहिया, चौधरी धीरसिंह चंदेला, दिलबाग सिंह, लक्ष्मी सिंह चौधरी, शाह आलम, चौधरी विकास, चौधरी अजय सिंह अंबावता, ओमकार भाटी, राष्ट्रीय प्रवक्ता असीम गाजी, भाकियू अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष भोपाल चौधरी, एडवोकेट फरमान त्यागी, रश्मि चौधरी, सुभाष नंबरदार, प्रवीण अंबावता, जोागेंद्र चौधरी, सागर सिंह, सुभाष नम्बरदार, योगेश कुमार सिंह, विकास प्रधान, दिलबाग हुड्डा, बलदेव सिंह, अनिल चौधरी, मोहम्मद शाह आलम, रामपाल सिंह, सुरेंद्र कसाना सहित देश भर से आए किसान मौजूद रहे।
शिविर के अंतिम दिन विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों से विचार विमर्श के उपरांत संगठन में फेरबदल करते हुए चौधरी ऋषिपाल अंबावता ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव को पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष, राकेश मिश्रा को मंडल अध्यक्ष फैजाबाद, श्रीराम कोरी को जिला अध्यक्ष अमेठी, वीर बहादुर गौतम को जिला अध्यक्ष सुल्तानपुर, रफीक खान को जिला अध्यक्ष मुरादाबाद, केवल बहादुर सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किया। इसके अलावा अनुशासनहीनता के चलते शाहजहांपुर जिलाध्यक्ष अशोक शुक्ला एवं महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष तारावती को पद से बर्खास्त कर दिया।