प्रदेश कांग्रेस में अंतर्कलह पर पीएल पुनिया भी मौन, कुछ नहीं बोले

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17HREG145 प्रदेश कांग्रेस में अंतर्कलह पर पीएल पुनिया भी मौन, कुछ नहीं बोले

देहरादून, 17 अप्रैल (हि.स.)। कांग्रेस अंतर्कलह थामने आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया भी अपने मिशन में कामयाब होते नहीं दिखे। खूबी यह है कि उन्होंने अंतर्कलह पर मीडिया से कोई भी चर्चा नहीं की। इसी दृष्टि से उन्हें पर्यवेक्षक बनाया गया था।

अंतर्कलह थामने आए देहरादून दौरे पर आए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और केंद्रीय पर्यवेक्षकपीएल पूनिया ने सोमवार अपने दौरे के तीसरे दिन यूथ कांग्रेस के नेताओं और एनएसयूआई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भेंट की और उनसे सामान्य चर्चा की।

केंद्रीय पर्यवेक्षक पुनिया जब से देहरादून आए हैं तब से लेकर अब तक वह लगातार संगठन और वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग वन टू वन वार्ताएं कर रहे हैं। वह बंद कमरों में मिलकर सभी से उनकी असल समस्याओं के बारे में जानने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी के नेता उनके सामने अपनी बात बेझिझक और बेबाकी से रख सकें, इसलिए वह सभी से अलग-अलग बात कर रहे हैं।

वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के अलावा वह संगठन के पदाधिकारियों और जिला महानगर अध्यक्षों से बात कर चुके हैं। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और एनएसयूआई के छात्र नेताओं से भी वार्ता की। हालांकि वह वरिष्ठ नेताओं व विधायकों से पहले ही दिन वार्ता कर चुके थे, लेकिन आज एक बार फिर प्रीतम सिंह, करन माहरा और यशपाल आर्य सहित सभी नेताओं ने एक साथ होटल में मुलाकात की और बातचीत भी की। इसके बाद जब पत्रकारों ने पुनिया से उनकी रिपोर्ट या फीडबैक के बारे में पूछा तो उन्होंने सिर्फ बातचीत की बात कही और कुछ बताया नहीं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के अलावा अन्य किसी भी नेता ने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलना उचित नहीं समझा सिर्फ माहरा ने इतना जरूर कहा कि उनके आने पर भाजपा नेता न जाने क्यों परेशान हैं? उनके केंद्रीय नेता भी आते रहते हैं। उन्होंने अंतर्कलह के समाधान के बारे में सिर्फ इतना ही कहा कि सब कुछ ठीक है। सब लोगों ने उनके सामने अपनी बात रखी है, सब मिलकर काम करेंगे। पुनिया अब तक 5 से 6 सौ लोगों से बात कर चुके हैं। दिल्ली लौटने के बाद वह अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे।

हो सकता है कि उनके कुछ सुझावों के बाद पार्टी संगठन में थोड़ा बहुत बदलाव भी देखने को मिले, लेकिन कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके दौरे से जमीनी हकीकत में कोई बड़ा बदलाव आने वाला नहीं है। हां, एक बात जरूर है कि पीएल पुनिया ने कांग्रेस के सभी नेताओं से आग्रह किया कि वह पार्टी या किसी नेता के खिलाफ टीका टिप्पणी न करें और एकजुट होकर काम करें।