12HREG73 मप्रः कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज की जेल अधीक्षक की कुर्सी पर बैठे, तस्वीर वायरल
भोपाल, 12 अप्रैल (हि.स.)। पिछले दिनों एक पत्र के माध्यम से एक करोड़ रुपये की फिरौती नहीं देने पर बम से उड़ाने की धमकी मिलने को लेकर सुर्खियों में रहे कथावाचक अनिरुद्धाचार्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनके सुर्खियों में रहने की वजह एक तस्वीर है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस फोटो में वह भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक की कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। बुधवार को सुबह उनकी यह तस्वीर वायरल होने के बाद लोग इसे नियमों का उल्लंघन बता रहे हैं।
उल्लेखनीय है कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज गत आठ अप्रैल को भोपाल सेंट्रल जेल में प्रवचन करने के लिए पहुंचे थे। जेल अधीक्षक राकेश भांगरे उन्हें अपना गुरु मानते हैं और उन्हीं के आग्रह पर अनिरुद्धाचार्य महाराज इंदौर से यहां आए थे। जेल में बंदियों के अलावा जेल के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी उनके प्रवचन सुने। इसके उपरांत जेल अधीक्षक के आग्रह पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज उनके कक्ष में गए थे। वहां पहुंचकर वह जेल अधीक्षक के निवेदन पर उनकी कुर्सी पर जाकर बैठ गए। इसी दौरान किसी ने उनकी तस्वीर ली, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
नियमानुसार, किसी शासकीय अधिकारी की कुर्सी पर उसके अलावा विभागीय या अन्य विभाग का वरिष्ठ अधिकारी ही बैठ सकता है। उस अधिकारी का अधिनस्थ या कोई और उस कुर्सी पर नहीं बैठ सकता। अगर कोई ऐसा करता है तो वह सरकारी नियम के खिलाफ है। नियम का उल्लंघन करने पर उसके कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में अनिरुद्धाचार्य की यह तस्वीर सामने आने के बाद लोग उनके इस कृत्य को शासकीय नियमों के विरुद्ध बताते हुए तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
अब जेल मुख्यालय ने अनिरुद्धाचार्य महाराज के जेल अधीक्षक की कुर्सी पर बैठने के मामले पर संज्ञान लिया है। एडीजी जेल ने नाराजगी जताते हुए जेल अधीक्षक से बात की है और जेल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
गौरतलब है कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को इंदौर के कनकेश्वरी गरबा परिसर में गत 1 से 7 अप्रैल तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के बीच एक पत्र के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पत्र भेजने वाले ने एक करोड़ रुपये की मांग की थी। पत्र में यह भी लिखा हुआ है कि, मध्य प्रदेश में कथा के दौरान हम घटना को अंजाम देंगे।