सीएम हेल्पलाइन में जिले की स्थिति संतोषप्रद नहीं- जिलाधीश

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17HREG421 सीएम हेल्पलाइन में जिले की स्थिति संतोषप्रद नहीं- जिलाधीश

मुरैना, 17 अप्रैल (हि.स.)। जिलाधीश अंकित अस्थाना ने सोमवार को जिले के समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि मैं कई बैठकों में निर्देशित कर चुका हूं, कि सीएम हेल्पलाइन का निराकरण तत्परता के साथ करें। अधिकारियों की लापरवाही से मुरैना जिला अभी भी बॉटम-5 के जिलों में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि निलंबन के प्रस्ताव कमिश्नर को भेजे जायेंगे।

उन्होंने बैठक में पाया कि कई अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन का निराकरण नहीं किया है, उन समस्त बीएमओ का तीन-तीन और समस्त जेएसओ का सात-सात दिवस का वेतन काटने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिये है। जिलाधीश ने जिला कोषालय अधिकारी को निर्देश दिये है कि जिस अधिकारी के वेतन काटने के आदेश दिये गये है, उसका अधिकारी, कर्मचारी का वेतन अप्रैल-मई के वेतन से काट दिया जायेगा।

जिलाधीश अंकित अस्थाना ने कहा कि इस माह सीएम हेल्पलाइन का 20 तारीख के बाद डाटा केप्चर को जायेगा। आज की स्थिति में मुरैना जिले की स्थिति बॉटम-5 में दिख रही है, यानी मुरैना रेड जॉन में साफ नजर आ रहा है। मेरे द्वारा पिछली टीएल बैठक में 13 अधिकारियों को नोटिस, वेतन काटने की कार्यवाही की गई थी, इस प्रकार की वेतन काटने की कार्यवाही अप्रैल और मई तक की जायेगी। फिर भी अधिकारियों में सुधार नहीं हुआ तो और जिले की स्थिति जस की तस रही तो उन अधिकारियों के निलंबन के प्रस्ताव भेजना प्रारंभ करूंगा। जिलाधीश ने कहा कि जिले को 9 हजार 896 सीएम हेल्पलाइन का लक्ष्य दिया गया था। जिसमें से मात्र 3 हजार 796 शिकायतें निराकरण की गई है। इसके अलावा तहसीलदारों ने भी अच्छा कार्य नहीं किया है। मैं उन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देता हूं कि जो एल-1 है और वे शिकायतों को समय पर निराकरण नहीं करते है, उनका वेतन अभी वेतन काटा जा रहा है। बाद में निलंबन के प्रस्ताव भेजे जायेंगे।