शिकायतों के निस्तारण मामले में पिछड़ गई औद्योगिक नगरी कानपुर

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09HREG22 शिकायतों के निस्तारण मामले में पिछड़ गई औद्योगिक नगरी कानपुर

-शासन से जारी रैंकिंग में 75वें स्थान पर ही रह गया कानपुर

कानपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। नगर निगम और पुलिस एवं कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के अधिकारियों की लापरवाही के चलते प्रदेश की औद्योगिक नगरी की रैंकिंग 75 वेो स्थान पर पहुंची। शासन ने कई विभागों की समीक्षा करने के बाद यह रैंकिंग सूची जारी की। प्रदेश की योगी सरकार लगातार इस शहर को बदलने का प्रयास कर रही है। लेकिन लापरवाह अधिकारियों के चलते हालत ठीक नहीं हो पा रही है।

कानपुर जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश पर सी डी ओ सुधीर कुमार ने जारी हुई रैंकिंग को लेकर लापरवाह अधिकारियों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। आईजीआरएस रैंकिंग की बात की जाए तो कानपुर को जनवरी में 56 वां स्थान मिला है लेकिन बीते फरवरी माह में ही रैंकिंग 19 पायदान नीचे चला गया। लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नोटिस जारी की है।

आईजीआरएस प्रभारी संयुक्त मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने बताया कि नगर निगम को लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मार्च महीने में शिकायतों की संख्या सात हजार से अधिक थी। कुछ विभागों को छोड़ दें तो 31 मार्च तक सभी के निस्तारण भी हो गए। इससे शिकायतों के निस्तारण में शहर की रैंकिंग में काफी सुधार आया। दस में दस नम्बर प्राप्त हुए। लेकिन एक माह में इतनी अधिक शिकायतें आ गई जिससे 12 नम्बर पर 12 नंबर कट गए, जिससे कानपुर की रैंकिंग आगे नहीं बढ़ पाई।

नगर निगम सबसे फिसड्डी और लापरवाही

सीडीओ कहना है कि सबसे फिसड्डी और लापरवाह विभाग नगर निगम है। नगर निगम के अधिकारी काम नहीं करना चाहते, जिसकी वह से आईजीआरएस में सबसे अधिक शिकायतें करीब साठ प्रतिशत इस विभाग की है। शिकायतों के निस्तारण भी कम थे, 31 मार्च तक 41 डिफाल्टर थे, यानी इसका निस्तारण नहीं हो सका था। इसी मामले को लेकर नगर निगम विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। दूसरे नंबर पर पुलिस विभाग की 1200 और कानपुर विकास प्राधिकरण की लगभग 500 शिकायतें आई थीं।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान गोल्डन मामले में 27.99 प्रतिशत, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 59.65 प्रतिशत और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन मामले में 54.20 प्रतिशत ही रैंक मिली है। जिसमें सबसे अधिक नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही के चलते औद्योगिक नगर कानपुर की रैंकिंग आगे नहीं बढ़ सकी।