डॉ आम्बेडकर हर शोषित और पीड़ित के उद्धारक थेः मीनू खरे

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14HREG1 डॉ आम्बेडकर हर शोषित और पीड़ित के उद्धारक थेः मीनू खरे

लखनऊ आकाशवाणी केंद्र में ’महिला सशक्तीकरण में डॉ भीमराव आम्बेडकर का योगदान’ विषय पर हुई संगोष्ठी

लखनऊ, 13 अप्रैल (हि.स.)। डॉ आम्बेडकर को केवल एक वर्ग का मसीहा ही नहीं बल्कि हर शोषित और पीड़ित के उद्धारक थे। यह विचार लखनऊ आकाशवाणी केंद्र की कार्यक्रम प्रमुख मीनू खरे ने व्यक्त किए। उन्होंने महिला अधिकारों में बाबा साहेब के महान योगदान की चर्चा की। बाबा साहब डॉ भीमराव आम्बेडकर की 132वीं जयंती की पूर्व संध्या पर लखनऊ आकाशवाणी केंद्र सभागार में ’महिला सशक्तीकरण में डॉ भीमराव आम्बेडकर का योगदान’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इससे पहले केन्द्र के अध्यक्ष डॉ आर.बी. सिंह ने सभी आगन्तुर्को का स्वागत करते हुए बाबा साहब के जीवन के कुछ विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डॉला। पुलिस अधीक्षक, महिला एवं बाल सुुरक्षा, रूचिता चौधरी ने बाबा साहब को महामानव बताया और पुलिस संगठन में महिलाओं की उपस्थिति के पीछे बाबा साहब के अहम योगदान को रेखांकित किया। के.जी.एम.यू के पैथालॉजी विभाग के प्राध्यापक प्रो. सुरेश बाबू ने बाबा साहब के वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारें में प्रकाश डॉला। लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि विभाग डॉ एसोसिएट प्रोफेसर, वरूण छाछर, ने बाबा साहब का संविधान निर्माण में योगदान ने समाज निर्माण में महिलाओं के योगदान और वर्तमान स्थिति में बाबा साहब की भूमिका पर चर्चा की।

इस अवसर पर सहायक प्राध्यापिका डॉ परवीन सुजात ने डॉ आम्बेड़कर की महिला सशक्तीकरण के कार्यों पर प्रकाश डॉला।