पांचवें चन्द्रशेखर हाफ मैराथन में नौसैनिक प्रिंस ने मारी बाजी

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19HREG60 पांचवें चन्द्रशेखर हाफ मैराथन में नौसैनिक प्रिंस ने मारी बाजी

– वाराणसी के चंदन राजभर व रंजीत पटेल ने दूसरे और तीसरा स्थान पर जमाया कब्जा

– पचखोरा से वीर लोरिक स्टेडियम तक 21 किलोमीटर की हुई दौड़

बलिया, 19 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की स्मृति में बुधवार को आयोजित पांचवें हाफ मैराथन में सहारनपुर के प्रिंस कुमार ने कड़ी प्रतिस्पर्धा में प्रथम पुरस्कार पर कब्जा जमाया। वाराणसी के चंदन राजभर ने द्वितीय और वाराणसी के ही रंजीत पटेल ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया। गंगा बहुद्देश्यीय सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने ट्राफी देकर सम्मानित किया।

पटपर पचखोरा से वीर लोरिक स्टेडियम तक 21 किलोमीटर के पांचवें चन्द्रशेखर हाफ मैराथन में इस बार 728 धावकों ने पंजीकरण कराया था। देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा केन्या, इथियोपिया और इस्ताम्बुल से भी धावक आए। हाफ मैराथन के प्रारंभ स्थल पर सुबह करीब साढ़े छह बजे मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने राज्यसभा सांसद नीरज शेखर के साथ हरी झंडी दिखाकर दौड़ शुरू कराई। शुरुआत में सभी धावकों में जोश देखते ही बन रहा था। यह जोश दौड़ के आखिरी समय तक बना रहा।

दौड़ पूरी होने तक आधे दर्जन धावकों में इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा थी कि 60 सेकेंड के अंतराल में पहले पांच स्थानों का फैसला हुआ। पटपर से दौड़ शुरू हुई तो सुखपुरा आते-आते वही धावक आगे दौड़ रहे थे जो आखिर में विजेता बने। यहां 355 नम्बर के चंदन राजभर सबसे आगे निकल गए थे। उनके पीछे 369 नम्बर के प्रिंस कुमार थे। जबकि 429 नम्बर के रंजीत पटेल भी बिल्कुल पीछे-पीछे ही दौड़ रहे थे। 406 नम्बर की जर्सी पहने उत्तराखंड के अंकित कुमार भी ज्यादा पीछे नहीं थे।

वहीं, पश्चिम बंगाल का धावक 411 नम्बर की जर्सी में अनुपम मेहता ने भी सुखपुरा तक इनके ठीक पीछे ही दौड़ रहा था। ये सभी धावक बहादुरपुर में बने अंतिम बूथ तक इतने आगे रहे कि बाकी धावक इनसे काफी पीछे दिखाई दिए। इन खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए सुखपुरा से कुंवर सिंह चौराहे तक हजारों लोग तालियां बजा रहे थे। जैसे-जैसे धावक आगे बढ़ रहे थे।

आयोजन समिति से जुड़े लोग और रिफ्रेशमेंट बूथों पर तैनात वालंटियर उन्हें पानी देने के लिए दौड़ते दिखाई दिए। वीर लोरिक स्टेडियम में फिनिश प्वाइंट तक आते-आते सहारनपुर के प्रिंस कुमार सबसे आगे निकल गए। प्रिंस ने अपनी दौड़ 59 मिनट 14.53 सेकेंड में दौड़ पूरी की। जबकि वाराणसी के चंदन राजभर ने 59 मिनट 42.62 सेकेंड में फिनिश प्वाइंट को टच किया। वाराणसी के ही रंजीत पटेल ने एक मिनट एक सेकेंड व उत्तराखंड के अंकित कुमार ने एक मिनट 1.36 सेकेंड में दौड़ पूरी की।

पश्चिम बंगाल के एक मिनट 2.25 सेकेंड में फिनिश लाइन को छुआ। 373 नम्बर की जर्सी पहने बलिया के अनिल यादव ने एक मिनट 2.32 सेकेंड में अपनी दौड़ खत्म किया। अनिल यादव को छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने प्रथम विजेता प्रिंस कुमार को एक लाख, द्वितीय विजेता चंदन राजभर को 51 हजार, तृतीय विजेता रंजीत पटेल को 25 हजार, चतुर्थ विजेता अंकित कुमार को 15 हजार, पंचम स्थान हासिल करने वाले अनुपम मेहता को आठ हजार रुपये व छठे स्थान पर अनिल यादव को चार हजार रुपये इनाम देकर पुरस्कृत किया। राष्ट्र नायक चन्द्रशेखर मैराथन समिति के सचिव उपेन्द्र सिंह ने सबका स्वागत किया। संचालन प्रदीप यादव ने किया।

सरकारी होगा अगला चन्द्रशेखर हाफ मैराथन : दयाशंकर

पांचवें चन्द्रशेखर हाफ मैराथन के विजेताओं के लिए बुधवार को गंगा बहुद्देश्यीय सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में दयाशंकर सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के विराट व्यक्तित्व को देखते हुए यह हाफ मैराथन प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चन्द्रशेखर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रिश्ते निभाने वाले राजनेता रहे हैं। राजनीति में मित्रता के लिए जाने जाते थे। वे कभी वोट की राजनीति नहीं किए। देश के प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी उनके संबंध अच्छे थे। चंद्रशेखर जी ने कम समय में जो काम देश के लिए किए हैं, वे मील के पत्थर हैं। प्रधानमंत्री रहते पद का मोह नहीं किया और पल भर में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसलिए उनका व्यक्तित्व अलग है। सभी प्रधानमंत्रियों में उनका व्यक्तित्व सबसे बड़ा रहा है। इसलिए मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि चंद्रशेखर जी के नाम पर हर वर्ष हो रहे हाफ मैराथन को कराने के लिए सरकार तैयार हो जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि हमारी सरकार खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तेजी से काम कर रही है। यही वजह है कि पूर स्थित स्पोर्ट्स कालेज के लिए मुख्यमंत्री योगी ने 20 करोड़ रुपये दिए हैं। चन्द्रशेखर जी के नाम पर पूर में स्पोर्ट्स कालेज बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा। दयाशंकर सिंह ने कहा कि बलिया जैसे छोटे जिले में इतना बड़ा आयोजन गर्व की बात है।

राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने चन्द्रशेखर मैराथन समिति के आयोजकों का आभार जताते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अगला हाफ मैराथन इससे भी भव्य होगा। अगली बार मैराथन की पुरस्कार राशि बढ़ेगी। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, अरुण सिंह बंटू, नकुल चौबे, गुड्डू राय, मिठाई लाल गुप्ता, जितेन्द्र सिंह, प्रेमप्रकाश सिंह, शिवजी राय चंदेल, उमेश सिंह आदि थे।

72 वर्षीय चंद्रभान ने भी पूरी की दौड़

पांचवें चन्द्रशेखर हाफ मैराथन में कुछ ऐसे भी लोगों ने दौड़ लगाई, जिन्हें देख सभी हतप्रभ रह गए। कथरिया निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग धावक चंद्रभान सिंह के जज्बे को देख लोगों ने जमकर तालियां बजाई। चंद्रभान सिंह ने फिनिश लाइन को छुआ तो पूरा स्टेडियम जोश से भर गया। इन्हें भी सबसे बुजुर्ग प्रतिभागी होने के नाते परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सम्मानित किया।

ये धावक भी हुए पुरस्कृत

हाफ मैराथन में 21वें स्थान तक आने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया गया। इसमें सातवें स्थान पर इस्लाम अली, सुनील गोलियान, सुशील कुमार, शैलेश कुशवाहा, मनीष कुमार, आकाश कुमार, सुनील पटेल, प्रदीप, जितेन्द्र, हरीश, अंगद यादव, अमित कुमार, अजय यादव, श्रीराम मौर्य व बृजेश साहनी को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह व राज्यसभा सांसद नीरज शेखर आदि ने पुरस्कार देकर हौसला बढ़ाया।