मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरे दिन कमलनाथ पर साधा सवाल, कमलनाथ बोले- गाल बजाने से कुछ नहीं होता

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29HREG221 मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरे दिन कमलनाथ पर साधा सवाल, कमलनाथ बोले- गाल बजाने से कुछ नहीं होता

भोपाल, 29 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पाने की होड़ में लगे राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग का दौर जारी है। इन सब के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी आमने सामने हो गए हैं और एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी कर रहे हैं। दोनों ही दिग्गज नेता जनता से किये वादों को लेकर एक दूसरे को घेर रहे हैं और उनके कार्यकाल का जवाब मांग रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर कमलनाथ पर सवाल साधते हुए बड़ा हमला बोला है।

मुख्यमंत्री चौहान ने रविवार को स्मार्ट सिटी पार्क में पौधारोपण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने कमलनाथ जी से सवाल पूछा तो वो बोखला गए और बोले मुख्यमंत्री कोई सवाल पूछता है क्या? तुम जनता को भ्रमित करते रहो। झूठ बोलते रहे और हम तुमसे पूछे भी नहीं। उन्होंने कमलनाथ का नाम लेकर शायराना अंदाम में कहा कि “तू इधर उधर की न बात कर ये बता कि काफिला क्यों लुटा। वादे पूरे क्यों नहीं किए।” मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं फिर कह रहा हूं कल मैंने पूछा था कि कांग्रेस ने 2018 में किसानों को वचन दिया था। गेंहू, चना, सरसों से लेकर सभी फसलों पर बोनस देंगे। धेला नहीं दिया। अब फिर भरमाने निकले हैं। उन्होंने कहा कि जवाब देना पड़ेगा। पहले किये वादे पूरे क्यों नहीं किये। बोनस देने का वादा किया था, उसका जवाब दो। आज दूसरा सवाल फिर पूछ रहा हूं और हम फिर पूछेंगे। दूध उत्पादक कृषकों को दुग्ध संघ के माध्यम प्रति लीटर 5 रुपए बोनस देंगे। 15 माह की सरकार में बोनस दिया क्या? जवाब देना पड़ेगा। जनता जवाब चाहती हैं।

कमलनाथ ने किया पलटवार

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कोई भी विकास कार्य ना करने की शपथ ले चुके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से मैं यह पूछना चाहता हूं कि आपने भाजपा के “नारी शक्ति संकल्प पत्र” में ”कृषि उपज और दूध के प्राथमिक प्रसंस्करण हेतु महिला स्वयं सहायता समूह और एफपीओ को 20 लाख रुपए तक का दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण देने” का वादा किया था। क्या आप जनता के सामने तथ्य रखकर बताएंगे कि इस घोषणा पर क्या प्रगति हुई? या फिर दूध पर किए इस वादे का भी आपने दही कर दिया? कमलनाथ ने कहा कि मैं आपसे पुन: निवेदन करता हूं कि मुख्यमंत्री पद की गरिमा को पहचानिए। गाल बजाना बंद कीजिए और हाथ चलाना शुरु कीजिए। जो कुछ महीने आपकी खरीद-फरोख्त की सत्ता के बचे हैं, उसमें एकाध काम तो जनकल्याण का कर दीजिए।