रविवार की शाम आसमान में शुक्र से मिलता दिखेगा शनि

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21HNAT46 रविवार की शाम आसमान में शुक्र से मिलता दिखेगा शनि

भोपाल, 21 जनवरी (हि.स.)। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए रविवार, 22 जनवरी की शाम रोचक होने जा रही है। इस दिन आसमान में शाम के समय शनि और शुक्र का मिलन होने जा रहा है। इस खगोलीय घटना में सेटर्न (शनि) और वीनस (शुक्र) एक-दूसरे में मुलाकात करते से दिखेंगे।

इस रोचक खगोलीय घटना की जानकारी देते हुए भोपाल की नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने शनिवार को बताया कि सूर्यास्त के बाद जब आप अपने आंगन से छत से दक्षिण पश्चिम में देखेंगे तो सबसे तेज चमकने वाला पृथ्वी का पड़ोसी ग्रह शुक्र और सौरमंडल का छठवां ग्रह शनि के बीच 0 डिग्री 21 मिनट का अंतर रह जाएगा। यह घटना सेटर्न और वीनस का कन्जक्शन कहलाती है।

सारिका ने बताया कि शाम लगभग 06 के बाद मिलते दिखते इन ग्रहों में से वीनस पृथ्वी से तो 23 करोड़ किमी दूर होगा, वहीं सेटर्न हमसे लगभग 160 करोड़ किमी दूर होगा। दूरी का इतना अंतर होते हुए भी इनका कोण इस प्रकार का होगा कि ये आसमान में मिलते हुए से नजर आएंगे। इसमें वीनस माइनस 3.9 के मैग्नीट्यूड से तो सेटर्न 0.7 मैग्नीट्यूड से चमक रहा होगा। मिलन की यह घटना कम समय के लिए होगी। इसलिए इस नजारे को देखने का आनंद सूर्यास्त के कुछ देर बाद ही उठा सकेंगे, क्योंकि 07 बजे बाद ये मिलते ग्रह भी अस्त होने की तैयारी कर रहे होंगे।

सारिका ने बताया कि हाइड्रोजन और हीलियम से बने शनि का एक दिन लगभग 10.7 घंटे का होता है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी का जुड़वा माने जाने वाला शुक्र आकार और घनत्व में तो पृथ्वी के समान है लेकिन पृथ्वी की तुलना में विपरीत घूमता है। शुक्र में सूर्यादय पश्चिम में होता है और पूर्व में अस्त होता है। इसका एक दिन पृथ्वी के 243 दिन के बराबर होता है और एक साल 225 दिन का होता है। इस कारण यहां दिन अपने साल से लंबा हो जाता है।