रतलाम: ससुर ने अपनी बहू को, दो माताओं ने अपने बेटों को किडनी देने का लिया निर्णय

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21HREG323 रतलाम: ससुर ने अपनी बहू को, दो माताओं ने अपने बेटों को किडनी देने का लिया निर्णय

रतलाम, 21 जनवरी (हि.स.)। 70 वर्षीय ससुर रामनिवास ने अपनी 30 वर्षीय बहू ज्योति को किडनी देने का निर्णय कर समाज के सामने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी तरह मां कविता द्वारा अपने 32 वर्षीय पुत्र प्रवेश को तथा 47 वर्षीय मां शारदा ने 28 वर्षीय पुत्र ईश्वर को किडनी प्रदान करने की सहमति दी है।

मेडीकल कालेज की अंगदान संभागीय प्राधिकार समिति की बैठक में किडनी प्रदान करने के यह तीन प्रकरण रखे गए। समिति सदस्यों ने एक मत से कहा कि आए प्रकरण में कम उम्र में किडनी प्रत्यारोपण करना पड़ रहा है जो कि समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। मेडीकल कालेज के डीन तथा समिति के अध्यक्ष डा. जितेन्द्र गुप्ता ने बताया कि समिति ने इन तीनों प्रकरणों को स्वीकृत किया है। उक्त मरीजों की किडनी प्रत्यारोपण क्रमश: जयपुर, इंदौर एवं नडिय़ाद के अस्पताल में की जाएगी।

समिति सदस्य गोविन्द काकानी, श्रीमती मनीषा ठक्कर, विशेषज्ञ डा. महेन्द्र चौहान, डा. नीलम चार्ल्स तथा नोडल अधिकारी डा. अतुल कुमार ने कहा कि दो माताओं ने बेटों को किडनी देने का सराहनीय निर्णय लिया है। सभी प्रकरणों में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर स्वीकृत पत्र बना दिए गए हैं। जिन्हें किडनी देना चाहिए वह आज अपने बुजुर्गों से किडनी ले रहे हैं, यह देखकर पीड़ा होती है। समाजजनों को आगे आकर धूम्रपान, शराब के नशे जैसी घातक चीजों के सेवन से युवा पीढ़ी को बचाने की मुहिम चलाना चाहिए ताकि किडनी जैसी समस्याओं से बचा जा सके।