29HREG315 मानस का अपमान करने वालों को मुख्यमंत्री योगी दें कठोर दंड : रामचंद्र दास
– हिन्दुओं के पूज्य ग्रन्थ “श्रीरामचरित मानस” का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण
चित्रकूट, 29 जनवरी (हि.स.)। पद्म विभूषण से सम्मानित श्रीतुलसी पीठाधीश्वर जगदगुरू रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास महाराज ने लखनऊ में कुछ लोगों द्वारा हिन्दू जनमानस का पूज्य ग्रन्थ “श्रीरामचरित मानस” का सार्वजनिक रूप से अपमान किये जाने की घोर निंदा करते हुए घटना को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से घिनौना कृत्य करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई किये जाने की मांग की है।
रविवार को श्रीतुलसी पीठ के युवराज आचार्य रामचंद्र दास महाराज ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करोडो हिन्दुओं के आस्था से जुडे ग्रंथ रामचरित मानस के अराजकतत्वों द्वारा किये गये अपमान की घोर निंदा की है। रामचंद्रदास महाराज ने कहा कि रामचरित मानस का अपमान करने वाले राक्षस हैं, उनको समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इनके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई करें। अन्यथा हिन्दू समाज स्वयं इनको उचित दंड देने में सक्षम है।
रामचंद्र दास महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर यूक्रेन से गुरु ग्रन्थ साहिब को सम्मान के साथ स्वदेश ला सकते हैं तो योगी जी से प्रार्थना है कि आप प्रभु श्रीराम जी की जन्मस्थली उत्तरप्रदेश में हो रही इन घटनाओं को अवश्य संज्ञान लें। रामायण देश के करोडों हिन्दूओं की आस्था का केन्द्र है।