प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में किया सांची विवि की कुलपति के लेख का जिक्र

Share

29HREG267 प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में किया सांची विवि की कुलपति के लेख का जिक्र

– ‘इंडिया द मदर आफ डेमोक्रेसी’ में वैदिक काल में लोकतंत्र पर केंद्रित लेख

– भारत के 30 मूर्धन्य विद्वानों में शामिल डॉ. नीरजा ए गुप्ता का आलेख

भोपाल, 29 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नियमित रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में रविवार को जिस किताब ‘इंडिया द मदर आफ डेमोक्रेसी’ (India The Mother of Democracy) का जिक्र किया, उसमें सांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता का आलेख शामिल है। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद से प्रकाशित इस किताब में डॉ. नीरजा गुप्ता ने वैदिक काल में लोकतंत्र को श्रृति, स्मृति, इतिहास और महाकाव्यों से संदर्भ लेकर साबित किया है। संकलन में लोकतंत्र के विभिन्न बिंदुओं पर देश के प्रख्यात 30 विद्वानों के शोध आलेख हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने किताब से विभिन्न रोचक प्रसंगों को मन की बात में उठाकर देशवासियों से इस किताब को पढ़ने का आग्रह किया है।

‘प्राचीन संस्कृत में उल्लेखित श्रुति, स्मृति, इतिहास व महाकाव्यों में लोकतंत्र के शासी सिद्धांतों’ शीर्षक के शोध पत्र में डॉ नीरजा गुप्ता ने वैदिक काल से प्राप्त लोकतंत्र के प्रमाण को रेखाकिंत किया है। डॉ. नीरजा गुप्ता ने बताया कि रिपब्लिक अर्थात गणतंत्र का उल्लेख ऋग्वेद में 40 बार और अथर्ववेद में 9 बार मिलता है। वेदों के विभिन्न श्लोकों के माध्यम से डॉ. नीरजा ने सुशासन व लोकतंत्र को व्याख्यायित किया है। उन्होंने विभिन्न सूत्रों के माध्यम से वैदिक काल में लोकतंत्र की परिभाषा के साथ ही कार्यपालिका, विधायिका और न्यायव्यवस्था संबंधी सूत्रों को भी व्याख्यायित किया है।

‘भारत लोकतंत्र की जननी’ शोध पुस्तिका के मुख्य संपादक भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के चेयरमैन रघुवेंद्र तंवर व सदस्य सचिव उमेश अशोक कदम हैं। इसमें डॉ नीरजा गुप्ता के साथ ही प्रो. कपिल कपूर, प्रो. हरिहर पांडा, प्रो. के.टी.एस सराव, प्रो. निलांजन डे, प्रो. अरविंद जमखेड़कर और प्रो. टी.वी कट्टिमनी समेत प्रसिद्ध विद्वानों के लेख हैं।