27HNAT44 जोशीमठ भू-धंसाव : राहत पैकैज के लिए 30 को होगी बैठक, पानी का रिसाव घटा
-भवनों के दरारें में नहीं हुई बढ़ोतरी, 250 परिवार विस्थापित
-प्रभावित 95 किरायेदारों को 47.50 लाख वितरित
देहरादून, 27 जनवरी (हि.स.)। जोशीमठ भू-धंसाव में आपदा प्रभावितों के राहत पैकैज के लिए आगामी सप्ताह 30 जनवरी (सोमवार) को बैठक होगी। साथ ही मॉडल प्री फैब्रिकेटेड शेल्टर का निर्माण शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में भवनों की दरारों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई। पानी के रिसाव में कमी के साथ अब 171 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) पर है। इलाके के 224 प्रभावितों को 3.36 करोड़ की धनराशि वितरित की गई।
शुक्रवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में सचिव आपदा प्रबन्धन डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा ने जोशीमठ राहत व बचाव और पुनर्वास को लेकर पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहत पैकेज को लेकर सोमवार को बैठक की जाएगी। उन्होंने एक खबर का संज्ञान लेते हुए कहा कि 50 फीट गहरी दरारें होने की किसी संस्था की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इस संबंध में सस्थाएं से बात की गई है, ऐसे जानकारी नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि जोशीमठ में उद्यान विभाग की भूमि पर मॉडल प्री फैब्रिकेटेड शेल्टर निर्माणाधीन है और इसके शीघ्र निर्माण पूरा होने की संभावना है। ढाक गांव,चमोली में प्री फैब्रिकेटेड ट्रांजिशन सेंटर के लिए भूमि विकास का कार्य जारी है। आपदा सचिव ने बताया कि अभी तक 863 भवनों में दरारें आई हैं। सर्वेक्षण में दरारों वाले भवनों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई है। जोशीमठ में प्रारम्भ में निकलने वाले पानी का डिस्चार्ज 06 जनवरी को 540 एल.पी.एम.था, वर्तमान में घटकर 171 एलपीएम हो गया है।
उन्होंने बताया कि जोशीमठ में अग्रिम राहत के तौर पर 224 प्रभावित भूस्वामियों को 3.36 करोड़ की धनराशि वितरित कर दी गई है। 95 प्रभावित किरायेदारों को 47.50 लाख की धनराशि तत्काल राहत के रूप में वितरित की गई है।जोशीमठ में 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। 250 परिवार को अस्थायी रूप से विस्थापित किये गये हैं। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 902 है। 39 प्रभावित परिवार रिश्तेदारों या किराए के घरों में चले गए हैं। चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 661 में 2957 लोग और पीपलकोटी में 491 कक्ष में 2205 लोगों की रुकने की व्यवस्था है। गांधीनगर में 01,सिंहधार में 02,मनोहरबाग में 05, सुनील में 07 क्षेत्र/वार्ड असुरक्षित घोषित किए गए हैं।