चार दिवसीय बर्ड वाचिंग प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

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21HREG172 चार दिवसीय बर्ड वाचिंग प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

गोपेश्वर, 21 जोशीमठ (हि.स.)। चमोली जिले के जोशीमठ में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और जय नंदा देवी स्वरोजगार शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वधान में शनिववार को बर्ड वाचिंग प्रशिक्षण का जोशीमठ में शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम में जानेमाने प्रकृति आधारित फोटोग्राफर दर्शन नेगी ने युवाओं को बर्ड वाचिंग एवं फोटोग्राफी के बारे में जानकारी दे देते हुए बताया कि प्रकृति को समझे बिना यह कार्य नहीं हो सकता। हमें प्रकृति को जानना आवश्यक है। वर्तमान समय में बेसिक आधार पर हमें समझना पड़ेगा प्रकृति पर किस तरह का प्रभाव पड़ रहा है और पुश पक्षियों की हमें पहचान करनी होगी। उन्होंने कहा कि जब भूकंप आता है उससे पूर्व पक्षियों आवाज करना शुरू करती है। यही नहीं जब ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी होने लगती है तो पक्षी एक दिन पूर्व ही घाटियों में आने लगते हैं।

मुख्य प्रशिक्षक यशपाल सिंह नेगी ने कहा कि युवाओं को एक पेशेवर के रूप में बल्र्ड वाचिंग चुनना चाहिए। जोशीमठ बर्ड वाचिंग की काफी संभावनाएं हैं। रेंज अधिकारी गौरव नेगी ने कहा कि पक्षी को जाने इसका विषय बहुत बड़ा है। हम लोग सूत्र के रूप में इस प्रशिक्षण को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सारे युवा अलग-अलग में काम कर रहे हैं यदि वे लोग इसको व्यवसाय के रूप में करे तो काफी लाभ मिल सकता है। यहां पर तीर्थाटन पर्यटन की गतिविधियां संचालित होती रहती है। इसके साथ बर्ड वाचिंग को जोड़ कर काम करें तो स्वरोजगार की ओर बढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि लगातार पारिस्थितिकीय आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें बर्ड वाचिंग की अहम भूमिका हो सकती है। इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता जनदेश सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ने कहा कि प्रकृति आधारित पर्यटन का काफी लाभ लोगों को मिलता है और प्रकृति संरक्षण के प्रति लोगों की सोच विकसित हुए बिना प्रकृति को समझे, प्रकृति आधारित स्वरोजगार नहीं कर सकता है। ट्रैक रूट एवं बर्ड वाचिंग, फिशिंग, मौन पालन, गतिविधियां बढ़ाना होगा।

कार्यक्रम में पुष्कर सिंह, राजीव, रविंद्र सिंह, राहुल बुटोला पुष्कर सिंह मोरना, हरजीत, देवेंद्र सिंह, कपील सिंह, रितिक, भगत तड़ियाल आदि मौजूद थे।