22HREG335 राहत की फुहार से किसान खुश, छाई हरियाली, बढ़ी ठंड
– बारिश से दलहन-तिलहन के साथ गेहूं व सब्जी की फसल को संजीवनी
मीरजापुर, 22 जनवरी (हि.स.)। जनपद में सीजन की पहली बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई है और मौसम में भी काफी बदलाव आया है। बारिश होने से किसानों की गेहूं की फसल तबाह होने से बच गई है। गत नवंबर माह से किसान बारिश के इंतजार में बैठे थे। बारिश से दलहनी-तिलहनी व गेहूं की फसलों को अमृत बूंदें मिलीं।
लंबे अंतराल के बाद रविवार भोर आसमान से राहत की फुहारें बरसीं। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। इससे पहले बारिश न होने से किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई थी, लेकिन बारिश ने मायूसी को खुशी में बदल दिया।
उप कृषि निदेशक डा. अशोक कुमार उपाध्याय का कहना है कि यह बारिश दलहन-तिलहन के साथ गेहूं की फसल के अलावा सरसों, लहसुन, प्याज, गोभी, पालक की फसलों के लिए वरदान सिद्ध होगी। किसानों ने बताया कि फसलों के लिए बारिश की आवश्यकता थी। ऐसे में रविवार भोर हुई बारिश से राहत की उम्मीद जगी है।
दरअसल, अधिकतम खेती बारिश पर ही निर्भर है। लंबे समय से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। बारिश होने से सूखे की मार झेल रही फसलों को राहत मिलेगी। दिसंबर माह में बोई गई फसलों के लिए बारिश ने कुछ हद तक संजीवनी का काम किया है। दो तीन दिन बारिश जारी रहे तो फसल के लिए और बेहतर रहेगी।
पीली पड़ने लग गई थीं फसलें
नवंबर और दिसंबर माह में बारिश न होने से उनकी फसलों को खासा नुकसान पहुंच रहा था। आलम यह था कि फसलें पीली पड़ने लग गई थी। परंतु इसी बीच बारिश की फुहारे फसलों के लिए संजीवनी बनकर बरसी और खेत फिर से हरे-भरे हो गए।
पानी खरीद करते थे सिंचाई, बारिश से खिले चेहरे
राजगढ़ : रविवार भोर बारिश होने से पहाड़ी इलाकों में किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान जगदीश सिंह, सुभाष सिंह, महेंद्र कोल, विनोद कुमार सिंह, अनिल कुमार, सुनील कुमार, विलास सिंह, आशीष ने बताया कि पहाड़ी इलाकों और सड़क किनारे बसे वाशिंदों ने नाली को पाट दिया है। इससे किसान पानी खरीदकर सिंचाई करते थे, लेकिन रविवार भोर बारिश होने से फसलों को संजीवनी मिल गई।
पाला से सूख गई थी अरहर की फसल
हलिया क्षेत्र में शनिवार देर रात मौसम में अचानक बदलाव आया और घने बादल छाए, फिर बारिश होने लगी। रविवार सुबह भी हल्की बारिश हुई। बारिश से दलहनी-तिलहनी सहित गेंहू की फसल को संजीवनी मिल गई। बबुरा रघुनाथ सिंह, बंजारी कलां, चंद्रगढ़, मड़वा धनावल, भैसोड़ जेर आदि गांवों में ठंड व पाला से बड़े पैमाने पर अरहर की फसल सूख गई थी। किसान राम अनुज दुबे, जगलाल पाल, अशोक सिंह, सत्यराज सिंह आदि ने बताया कि बारिश से अरहर, चना, सरसों, अलसी, जौ, गेंहू, मसूर आदि फसलों को फायदा हुआ है।
तिरपाल लगा बचाया धान, किसान परेशान
धान क्रय केंद्रों पर किसान ट्रैक्टर ट्राली पर धान लादकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बारिश से फसलों को जहां संजीवनी मिली, वहीं किसानों को परेशान भी होना पड़ा। धान को बारिश से बचाने के लिए ट्राली पर तिरपाल लगाकर बचाया।
बारिश से सड़क पर कीचड़, बढ़ी फिसलन
हलिया : बारिश होने से जगह-जगह जलजमाव होने के कारण फिसलन बढ़ गई और अदवा नदी के पुल पर बारिश का पानी जमा होने से आवागमन में लोगों को काफी परेशानी का सामाना करना पड़ा। सड़कों पर कीचड़ के साथ फिसलन बढ़ गई है।
आगे भी बारिश की संभावना, ठंड बरकरार
रविवार भोर बारिश होने से जिले भर में एक बार फिर ठंड व गलन बढ़ गई है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव जलाकर बैठे रहे। रविवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में हल्की बारिश की संभावना है। हवा की गति सामान्य व सुबह-शाम कोहरा पड़ने के आसार हैं। हालांकि धूप निकलने से लोगों को ठंड व गलन से राहत मिलेगी।