दो सगी बहनों को शारीरिक शोषण और भिक्षावृत्ति से दिलाई मुक्ति

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05HREG458 दो सगी बहनों को शारीरिक शोषण और भिक्षावृत्ति से दिलाई मुक्ति

हरिद्वार, 05 जनवरी (हि.स.)। पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई ने एक शातिर नशेड़ी को गिरफ्तार कर उसके चंगुल से दो नाबालिक सगी बहनों को मुक्त कराया है। आरोपित दोनों बहनों का शारीरिक शोषण करने के साथ उनसे भीख मंगवाता था।

बाल अपराध की रोकथाम एवं भिक्षावृत्ति कराने वाले अपराधियों पर अंकुश लगाने के सिलसिले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई ने आवारा किस्म के शातिर नशाखोर प्रिंस पुत्र मनोज निवासी रोड़ी बेलवाला हरिद्वार के कब्जे से दो नाबालिग सगी बहनों को आजाद कराने में कामयाबी हासिल की।

पुलिस क्षेत्राधिकारी व एएचटीयू प्रभारी निहारिका सेमवाल ने बताया कि टीम द्वारा की गई पूछताछ में जानकारी मिली कि मां का देहांत होने पर कथित पिता दोनों सगी बहनों को हरिद्वार छोड़कर चला गया था। लावारिस होकर गुजर बसर की कोशिश कर रही दोनों बहनों के सम्पर्क में आने पर अभियुक्त प्रिंस ने पहले इन दोनों को डरा-धमकाकर पहले जबरदस्ती फ्लूड नशे का सेवन कराकर उनका शारीरिक शोषण करना शुरु किया और फिर हर की पैड़ी में भिक्षाटन का काम करवाना शुरु कर दिया।

मुखबिर से सूचना मिलने पर नोडल ऑफिसर निहारिका सेमवाल के निर्देशन में ए एच टी यू टीम ने दोनों नाबालिग बहनों को मुक्त कराकर आरोपित प्रिन्स के विरुद्ध कोतवाली नगर में पोक्सो एक्ट व अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराकर प्रिन्स को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया तथा बालिकाओं को शिशु बालिका गृह केदारपुरम देहरादून में आश्रय दिलाया गया।