यूपी में किसान घर बैठे करा सकेंगे पशुओं का इलाज

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-प्रदेश को मिली 520 मोबाइल वेटनरी यूनिट

-अब सड़कों पर नहीं घूमेंगे निराश्रित गौवंश : धर्मपाल सिंह

-विकासखण्ड स्तर पर होगी गो—संरक्षण केन्द्रों की होगी स्थापना

लखनऊ,29 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि निराश्रित गौवंश अब खेतों व सड़कों पर समस्या का कारण नहीं बनेगा। दिसम्बर 2022 तक निराश्रित गौवंश को गो आश्रय स्थलों में रखा जायेगा। मंत्री ने बताया कि प्रत्येक विकास खण्ड में दो हजार से तीन हजार गोवंश धारण क्षमता के वृहद गो संरक्षण केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। इन गोआश्रय स्थलों पर सी.बी.जी./सी.एन.जी. प्लान्ट की स्थापना पीपीपी माडल पर कराई जायेगी। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह बुधवार को योजना भवन में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि अब पशुपालन करने वाले पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अब 1962 नंबर डायल करने के बाद पशुपालकों के दरवाजे पर जाकर वेटरनी डाक्टर पशुओं का इलाज करेंगे। प्रदेश में केन्द्र सरकार द्वारा 520 मोबाइल वेटनरी यूनिट प्राप्त हुई है। आगे यह संख्या और बढ़ाई जायेगी। इसके अलावा उन्नत पशु प्रजनन की सुविधा भी पशुपालकों के दरवाजे पर उपलब्ध कराई जा रही है।

पशुधन मंत्री ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा गो—संरक्षण पोर्टल बनाया जा रहा है। इसके साथ ही साथ मोबाइल एप का विकास किया जा रहा है। इसके माध्यम से आन—लाइन सूचनाएं प्राप्त की जायेंगी। लगभग 90 प्रतिशत मादा संतति की प्राप्ति के लिए वर्गीकृत वीर्य का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश को खुरपका—मुंहपका टीका प्रतिवर्ष दो चरणों में 1040.72 लाख टीकाकरण पशुपालकों के द्वार पर किया जायेगा।

धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रह अभियान चलाकर कुल 3.26 लाख टन भूसा संग्रह किया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि अब उत्तर प्रदेश में दो रूपये किलो के हिसाब से गोबर खरीदा जायेगा।

इस अवसर पर अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी भी उपस्थित रहे।