महिला की याचिका एक लाख हर्जाना के साथ खारिज

Share

–मकान का कब्जा बैंक को सौंपने का निर्देश

प्रयागराज, 19 मई (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नौबस्ता कानपुर नगर की श्रीमती किरन सिंह की याचिका एक लाख रुपए हर्जाने के साथ खारिज कर दी है। याचिका खारिज कर कोर्ट ने कहा है कि यदि याची हर्जाना राशि के साथ एक हफ्ते में मकान का कब्जा बैंक को वापस नहीं सौंपती तो जिलाधिकारी उनसे मुआवजा वसूली की कार्रवाई करें।

यह आदेश न्यायमूर्ति एस डी सिंह ने श्रीमती किरन सिंह की याचिका को खारिज करते हुए दिया है। मालूम हो कि याची ने बैंक द्वारा लोन वसूली में मकान संख्या 3 सी 213/2 आवास विकास हंसपुरम, नौबस्ता की नीलामी ली। उसने 16 लाख 93 हजार रूपये बैंक को दिये। बैनामा कराया और कब्जा लिया। जिसमें वह रह रही हैं।

मकान मालिक ने ऋण वसूली अधिकरण प्रयागराज में वाद दायर किया। अधिकरण ने नीलामी अवैध करार कर दी और उसे लोन राशि जमाकर मकान का कब्जा वापस लेने का अधिकार दिया। तथा याची को मकान का कब्जा बैंक को सौंपने का निर्देश देते हुए कहा कि वह बैंक में जमा नीलामी राशि फिक्स डिपॉजिट ब्याज की दर से वापस ले ले।

इस आदेश के खिलाफ अपीलीय अधिकरण में अपील भी खारिज हो गई। याची ने उसे चुनौती नहीं दी। आदेश फाइनल हो गया। फिर भी मकान पर कब्जा जमाये रखा। बैंक ने कब्जा लेने की अर्जी अधिकरण में दी। अधिकरण ने याची को 15 दिन में मकान का कब्जा बैंक को सौंपने का निर्देश दिया और कहा न सौंपे तो बैंक पुलिस सहायता से कब्जा वापस ले ले। एसएसपी को निर्देश दिया गया कि वह पुलिस मुहैया कराये।

कोर्ट ने कहा कि याची का सम्पत्ति पर कोई अधिकार नहीं है। वह केस हार चुकी है। आदेश फाइनल हो चुका है।वह केवल बैंक से ब्याज सहित पैसा वापस पाने की हकदार हैं। उसे मूल मकान मालिक को मकान के उपभोग के अधिकार से वंचित करने का अधिकार नहीं है। वह बैंक से ब्याज सहित वसूली के लिए मकान को कब्जे में नहीं रख सकती। कोर्ट ने एक लाख हर्जाना राशि मकान मालिक को देने का आदेश दिया है।