भाकियू में बिखराव के बाद गरमाई खाप की राजनीति

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मुजफ्फरनगर, 21 मई (हि.स.)। भारतीय किसान यूनियन में बिखराव के बाद पश्चिम उप्र में खापों की राजनीति भी गरमा गई है। भाकियू अराजनैतिक को गठवाला खाप का समर्थन मिलने के बाद अब राठी खाप भाकियू के समर्थन में आ गई है।

भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत और राकेश टिकैत पर राजनीतिक महत्वाकांक्षा का आरोप लगाकर संगठन दोफाड़ हो गया। भाकियू अराजनैतिक का गठन करके राजेश सिंह चौहान को राष्ट्रीय अध्यक्ष और मांगेराम त्यागी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। इस संगठन को पश्चिम उप्र की प्रभावशाली गठवाला खाप का भी समर्थन मिल गया। गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह को भाकियू अराजनैतिक का संरक्षक बनाया गया हैजबकि धर्मेंद्र मलिक को संगठन का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है। लाटियान खाप के चौधरी राजवीर सिंह मुंडेट ने भी भाकियू अराजनैतिक को अपना समर्थन दिया है। इसके साथ ही कई अन्य खापों का समर्थन भी इस नए संगठन को मिला है। इसके बाद से ही पश्चिम उप्र की खाप राजनीति भी गरमा गई है। इस बात को लेकर 29 मई को सर्वखाप की महापंचायत बुलाई गई है।

शनिवार को कूकड़ा गांव में राठी खाप की बैठक हुई। थांबेदार कृष्णपाल सिंह के आवास पर हुई बैठक में इस मामले पर विचार-विमर्श हुआ। इस मामले को भाकियू की राजनीति से आगे बढ़कर खापों के मान-सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा बताया गया। थांबेदारों ने कहा कि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत का राठी खाप सम्मान करती है। उनके सम्मान को ठेस नहीं पहुंचने दी जाएगी। 29 मई को काकड़ा गांव में होने वाली महापंचायत में राठी खाप के चौधरी शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता खाप चौधरी ब्रह्म सिंह के प्रतिनिधि कृष्णदेव राठी ने तथा संचालन टीटू राठी ने किया। बैठक में सुरेंद्र राठी, धीर सिंह, बाबूराम, महक सिंह, प्रमोद राठी, गुलवीर राठी आदि उपस्थित रहे। राठी खाप के इस रुख के बाद से सभी की निगाहें 29 मई की महापंचायत पर लगी हुई है।

गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान इसी बालियान खाप से आते हैं। जबकि भाकियू अराजनैतिक के संरक्षक राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक गठवाला खाप से आते हैं।