-आदर्श ग्राम नागेपुर में 11 प्रतिशत वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग
वाराणसी,02 अप्रैल (हि.स.) । आवश्यक दवाओं के मूल्य में किये गए भारी वृद्धि के खिलाफ शनिवार को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया।
सामाजिक संस्था लोक समिति व स्वास्थ्य का अधिकार अभियान उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में जुटे नागेपुर, बेनीपुर, मेहदीगंज, सबलपुर, हरसोस आदि गांवों से आये सैकड़ों की संख्या में दिहाड़ी मजदूर और महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से दवाओं के बढ़े मूल्य को वापस लेने की मांग की। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित कर महिलाओं ने सरकार को चेतावनी दिया कि अगर जल्द मांग पूरी न की गई तो वे सड़क पर उतरकर गांव -गांव में उग्र प्रदर्शन को मजबूर होंगे। धरना-प्रदर्शन में शामिल लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ने कहा कि विगत दिनों राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने लगभग 800 आवश्यक दवाओं के मूल्य को नए वित्तीय वर्ष में लगभग 11 प्रतिशत बढाने की संस्तुति दी है, जिसके बाद दवाओं के दाम बढ़ेंगे। इस भारी वृद्धि से देश के आम आदमी पर बड़ा बोझ पड़ेगा।
तंगहाल गरीब जनता वैसे ही विगत दो तीन वर्षों से व्याप्त कोरोना संक्रमण काल में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक मंदी से जूझ रही है। ऐसे में आवश्यक दवाओं के मूल्य में वृद्धि किया जाना अमानवीय और अव्यावहारिक है। इससे आम गरीब आदमी का इलाज करा पाना मुश्किल हो जायेगा। वे इलाज के अभाव में बेमौत मरने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन के माध्यम से देश में स्वास्थ्य के अधिकार का कानून बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता सुलभ और बेहतर बनाने, स्वास्थ्य का बजट बढ़ाने, हर गांव में एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की मांग की।