गोरखपुर में हुए हमले के बाद महापरिनिर्वाण स्थल की सुरक्षा को लेकर शुरू हुई कवायद

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-बगदादी और इंडियन मुजाहिदीन से भी जुड़ चुके हैं तार

कुशीनगर, 06 अप्रैल (हि.स.)। देश विदेश के बौद्ध श्रद्धालुओं की आस्था व श्रद्धा के केंद्र गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर कवायद शुरू हो गई है। गोरखपुर स्थित गुरु गोरक्षनाथ मन्दिर की ताजा घटना के चलते शासन प्रदेश के प्रमुख धर्म स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। उसमें कुशीनगर का महापरिनिर्वाण मन्दिर भी एक है।

बुद्धस्थली साल 2012 से ही आतंक के साए में हैं। बोधगया में बम विस्फोट के बाद आईबी की रिपोर्ट में स्थल के इंडियन मुजाहिदीन के निशाने पर होने का खुलासा होने के बाद हड़कम्प मच गया था। जनवरी 2016 में बगदादी के संगठन आईएसआईएस से जुड़े कसया थाना क्षेत्र के सबया गांव के निवासी रिजवान की गिरफ्तारी से बुद्धस्थली फिर चर्चा में आ गई। दोनों चर्चाएं बन्द होनी शुरू हुई थी कि डी कम्पनी ने तत्कालीन विधायक रजनीकांत को मिली मौत की धमकी से चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया।

महापरिनिर्वाण मन्दिर के आईएम के निशाने पर होने के खुलासे के बाद महीनों सुरक्षा कवायद चली। सुरक्षा उपाय करने के साथ एटीएस ने भी दौरा कर इमरजेंसी की स्थिति में सुरक्षा का ब्लू प्रिंट तैयार किया। होटलों में मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से बड़ी घटना होने से बच गई।

अभी यह सब चल ही रहा था कि जनवरी 2016 में कसया के सबयां गांव में एनआईए तथा एटीएस के हाथ रिजवान नाम का युवक हाथ लगा। रिजवान के बारे में खुलासा हुआ कि वह आईएसआईएस के सरगना बगदादी के सीधे सम्पर्क में था। वह सीरिया पहुंचकर अमेरिकी सेना से लड़ना चाहता था। एटीएस की पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, उसके अनुसार रिजवान गोवा में 30 हजार रुपये महीने पर कमरा लेकर आईएसआईएस का क्षेत्रीय कार्यालय चला रहा था। चेन्नई में उसे आईएसआईएस संगठन की ओर से एक लाख रुपये मिले थे। वह देश के अंदर विभिन्न स्थानों पर इंडियन मुजाहिदीन के संग मिलकर विस्फोट करने की कर रहा था तैयारी। रिजवान के कब्जे से मोबाइल फोन के जखीरे के अलावा पांच लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी। लोग धीरे-धीरे दोनों घटनाओं को भूलने लगे थे कि विधायक रजनीकान्त मणि त्रिपाठी डी कम्पनी के निशाने पर आ गए और थम रही चर्चाएं जोर पकड़ गई। डी कम्पनी का आतंकी अली बुदेस विधायक से दस लाख की रकम मांग रहा है और न मिलने परिवार वालों को मौत देने की धमकी दी। सुरक्षा एजेंसियों से आतंकी का लोकेशन बहरीन ट्रेस किया था।

कुशीनगर में सालाना 60 हजार के करीब विदेशी पर्यटक आते हैं। यहां बने इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नियमित उड़ान शुरू हो चुकी है। ऐसे में प्रशासन फिर से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की तैयारी में लग गया है। सीओ पीयूषकान्त राय का कहना है कि पुलिस और खुफिया पूरी तरह सतर्क हैं। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता किये जाने की व्यवस्था की जा रही है।