प्रभावी विजन और मिशन के साथ सैनिकों के हित में करना होगा कार्य : राज्यपाल

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देहरादून, 07 अप्रैल (हि.स.)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि राज्य में एक प्रभावी विजन, मिशन और सकारात्मक सोच के साथ सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए कार्य करना होगा। सैनिक बाहुल्य प्रदेश उत्तराखंड में सैनिक और उनके आश्रितों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल ने उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था की बैठक के दौरान यह बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने सैनिक पुनर्वास संस्था को राज्य में एक प्रभावी विजन को लेकर स्व-उत्तरदायित्व के अगले स्तर पर पहुंचना होगा। अब उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था का पूर्णतः आधुनिकीकरण किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण एल फैनई और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था के लाभार्थियों जिनमें पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सैनिक आश्रित और दिव्यांग सैनिक सम्मिलित हैं, के पर्याप्त आंकड़े डिजिटल रूप से उपलब्ध करवाए जाएं। सैनिक पुनर्वास संस्था की एआई इनेबल्ड एंड्राइड मोबाइल बेस्ड पोर्टल और वेबसाइट विकसित की जाए ताकि पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों का संपर्क सरलता से संस्था से हो सके। वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके साथ ही राज्यपाल ने शहीदों की विधवाओं के कल्याण और पुनर्वास पर विशेष बल देने की बात कही।

राज्यपाल ने सचिव डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के समस्त दिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों को राजभवन की ओर से प्रति सैनिक 5001 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए।

राज्यपाल ने संस्था को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक जनपद में सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोलने के प्रयास करने को कहा। इसके लिए तात्कालिक रूप से विद्यालयों के खेल मैदानों का प्रयोग किया जा सकता है। राज्य के बहुसंख्यक भूतपूर्व सैनिकों की राज्य में जैविक खेती,नेचुरल फार्मिंग, फॉरेस्टेशन, सीमांत क्षेत्रों में रिवर्स पलायन में किस प्रकार गेमचेंजर की भूमिका हो सकती है। भूतपूर्व सैनिकों की बेटियों की एनडीए, सैनिक सेवाओं और अन्य प्रतिष्ठित केंद्रीय और राज्य सरकार की सेवाओं में किस प्रकार भागीदारी बढ़े, इसके लिए सैनिक पुनर्वास संस्था को भी प्रयास करने की जरूरत है।

राज्यपाल ने सैनिकों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार,राज्य सरकार और सैनिक पुनर्वास संस्था की ओर से संचालित योजनाओं के समन्वय की बात कही। राज्य सरकार की ओर से आरंभ की जा रही हिम प्रहरी योजना में सैनिक पुनर्वास संस्था क्या योगदान दे सकती है, इस पर उन्होंने विचार करने को कहा।

राज्यपाल शीघ्र करेंगे कृषि भूमियों का निरीक्षण

राज्यपाल ने कहा कि वे शीघ्र ही उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था की कृषि भूमियों का निरीक्षण करेंगे। संस्था की 1423 एकड़ भूमि का अधिकतम सदुपयोग किया जाना चाहिए। इन पर एरोमेटिक, मेडिसिनल हर्ब्स और ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इस पर एक ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस मौके पर प्रमुख सचिव एल फैनई, राज्यपाल के सचिव डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा,अपर सचिव स्वाति एस भदौरिया, वित्त नियंत्रक राजभवन डॉ.तृप्ति श्रीवास्तव, उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।