गोपेश्वर, 04 अप्रैल (हि.स.)। चार धाम यात्रा शुरू होने में एक माह का समय शेष रह गया है। ऐसे में चमोली पुलिस की ओर से आपदा और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए पुलिस, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम बनाकर उन्हें आपदा प्रबंधन की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि आपदा के समय बचाव का कार्य त्वरित गति से हो सके।
सोमवार को ब्लॉक सभागार कर्णप्रयाग में कोतवाली कर्णप्रयाग, थाना गैरसैंण, पोखरी और थराली के पुलिस कर्मियों आपदा न्यूनीकरण का प्रशिक्षण दिया गया। आपदा प्रशिक्षण कराए जाने का उद्देश्य आपदा के दौरान कम से कम समय में जान माल की क्षति का न्यूनीकरण करना है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों ने प्राथमिक उपचार से संबंधित सीपीआर, एमएफआर आदि का अभ्यास कराया। ताकि आपदा के दौरान राहत बचाव कार्य के साथ-साथ जवान आपदा में घायल हुए व्यक्तियों को उचित प्राथमिक उपचार भी दे सकें।
पुलिस अधीक्षक चमोली श्वेता चौबे ने बताया कि चमोली जनपद प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। इसलिए यहां आपदा का प्रशिक्षण देना भी जरूरी हो जाता है। इस प्रशिक्षण को मात्र एक प्रशिक्षण के तौर पर न लिया जाए, अपितु इसे मानव क्षति न्यूनीकरण और जनसमुदाय में दक्ष सहयोगी भाव का उद्भव करने का प्रमुख स्राेत माना जाए। इस प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को समय आने पर छोटी बड़ी घटना में आमजन भी न्यूनतम जोखिम और अधिकतम सफलता से कार्य कर सके। प्रशिक्षित पुलिस कर्मी आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करेंगे।