हरिद्वार, 15 मार्च (हि.स.)। स्वामी चिदम्बरानंद सरस्वती की स्मृति में आंवला एकादशी के अवसर पर हरिद्वार स्थित हरिपुर कलां में श्री चिन्मयकुटि भण्डारा संघ की ओर से कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
दो दिवसीय आयोजन के तहत पहले दिन अखंड रामायण पाठ हुआ। दूसरे दिन मंगलवार को संत-सत्संग एवं होली के रंग कार्यक्रम हुआ। साथ ही भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी। इस अवसर पर वार्षिक भंडारे का भी आयोजन किया गया। शोभायात्रा नीलधारा से समाधि स्थल तक निकाली गई।
शोभा यात्रा में स्वामी चिदम्बरानंद सरस्वती और ब्रम्हलीन चिन्मयानंद सरस्वती के स्वरूपों को विशेष पालकी में विराजमान किया गया था। समाधि स्थल पर शोभायात्रा के पहुंचने पर भक्तों ने पूजा-अर्चना की। आयोजन में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान स्मृति महोत्सव के तहत गुलाल-चंदन का तिलक, पुष्प वर्षा व फूलों की होली खेली गयी।
संतों के सम्मान में पुष्प वर्षा की गयी। दो दिवसीय आयोजन में विशेष रूप से अमरकंटक, नर्मदा जी से पहुंचे भागवद मनीषी संत राघवेन्द्रानंद ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अपने गुरु की स्मृति में आयोजन करना काफी भावपूर्ण होता है। कृष्ण बंसल एवं सुरेश सतनालीवाला ने भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी चिदम्बरानंद सरस्वती एवं चिन्मयानंद सरस्वती द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भंडारा सबकी सहभागिता से होने वाला महायज्ञ होता है, जिसमें प्रत्येक धर्मप्रेमी अपना योगदान देता है। श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि कलयुग में भंडारे इत्यादि का समय-समय पर आयोजन किया जाना चाहिए।
इस मौके पर राधेश्याम शर्मा, राजकुमार सतनालीवाला, अशोक सतनालीवाला, केदारनाथ लालगढिया, सतीश केडिया, विनोद भिवानी वाले व वरुण लोहिया सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे भक्तजन मौजूद थे।