-लक्ष्मणपुरी के टिकैतराय तालाब स्थित माता शीतला देवी मंदिर में लगता है मेला
लखनऊ, 24 मार्च ( हि.स.)। शीतला अष्टमी व्रत शुक्रवार को रखा जाएगा। यह व्रत होली के बाद चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रखा जाता है। इस तिथि में माता शीतला की पूजा की जाती है और एक दिन पहले बनाए गए भोजन यानि बसौड़ा खाने की परम्परा है।
लक्ष्मणपुरी के टिकैतराय तालाब स्थित शीतला माता के मंदिर में इस दिन काफी संख्या में भक्त दर्शन के लिए जाते हैं। यहां मेला भी लगता है। मंदिरों में पूजन की तैयारियां कर ली गई है।
व्रत वाले घर में नहीं जलता चुल्हा
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस व्रत कों रखने से माता शीतला प्रसन्न होती है और व्रत के कुल को दाह ज्वर, पीतज्वर, नेत्रों के रोग की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती है। इस व्रत की विशेषता है इसमें एक दिन पूर्व बनाए गए पूड़ी, पुआ, पकवान, मिठाई का भोग चढ़ाया जाता है। जिस दिन यह व्रत होता उस व्रत वाले घर में चूल्हा नहीं जलता है। घर की चौखट पर हल्दी-रोली के थाप लगाए जाते हैं और देवी के गीत भी गाए जाते हैं। इस दिन शीतलास्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
चार सौ साल पुराना है शीतला देवी मंदिर
टिकैतराय तालाब स्थित शीतला देवी मंदिर मुख्य पुजारी सुनील सैनी ने बताया गुरुवार को यह बताया कि यह मंदिर करीब चार सौ साल पुराना है। यहां सोमवार और शुक्रवार को भक्त दर्शन के लिए आमतौर पर आते हैं। इस मंदिर के प्रति लोगों की बड़ी आस्था है। आगे बताया कि मंदिर में दर्शन-पूजन की तैयारियां कर ली गई हैं। शासन की ओर से मंदिर में सौ भक्तों की अनुमति मिली है। मंदिर की ओर से सैनिटाइज और मास्क की व्यवस्था की गई है। मंदिर को भी सैनीटाइज कर दिया है।