परमार्थ निकेतन में आशा वर्कस के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

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ऋषिकेश, 15 मार्च (हि.स.)। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में आशा कार्यकर्ता बहनों के दल ने दीप प्रज्ज्वलित कर दो दिवसीय कोविड-19 टीकाकरण कवरेज कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसके उपरांत विश्व ग्लोब का जलाभिषेक कर प्रशिक्षण शिविर का समापन किया।

कोविड-19 टीकाकरण कवरेज कार्यक्रम में ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने वाली 40 आशा कार्यकर्ता बहनों ने प्रातःकालीन योगाभ्यास से आज के प्रशिक्षण की शुरूआत की।

परमार्थ निकेतन में कोविड-19 टीकाकरण कवरेज कार्यक्रम में आयी बहनों से स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि हमारी आशा कार्यकर्ता बहनें अपने-अपने क्षेत्र में माताओं के साथ-साथ शिशुओं की भी सुरक्षा सुनिश्चित करती है। माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल करना तथा एक ‘सुरक्षित मातृत्व-सुरक्षित जीवन’ के लिये कार्य करना श्रेष्ठ सेवा कार्य है। नवजात शिशुओं को रुग्णता से बचाने और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये हमें वातावरण में व्याप्त प्रदूषण को कम करना होगा और इसके लिये प्रकृति, पर्यावरण, जल और वन्य जीवन की सुरक्षा हेतु हम सभी को आगे आना होगा।

स्वामी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन और वनों की कटाई के कारण अनेक पर्यावरणीय समस्याए उत्पन्न हो रही हैं जिसे कम करने के लिये हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

स्वामी ने कहा कि भारत का कोविड-19 वैक्सीन अभियान एक ऐतिहासिक अभियान है। इसमें न केवल भारत की अपनी आबादी का टीकाकरण शामिल है बल्कि, भारत का विश्व के बड़े टीका उत्पादकों में से एक होना भी शामिल है। भारत में कोविड-19 संक्रमण के विस्तार को रोकने और कोविड-19 वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करने में आशा वर्कर्स का महत्वपूर्ण योगदान है।

सभी आशा कार्यकर्ता बहनों ने परमार्थ निकेतन में होने वाली विश्व विख्यात गंगा आरती में सहभाग किया। इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने सभी को प्रकृति और पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संकल्प कराया।