शेन वार्न क्रिकेट जगत में स्पिन को एक आक्रामक हथियार के रुप में लेकर आए : अश्विन

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नई दिल्ली, 8 मार्च (हि.स.)। भारत के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने शेन वार्न के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने क्रिकेट जगत में स्पिन की कला के एक आक्रामक हथियार के रुप में लेकर आए। वार्न का शुक्रवार को 52 वर्ष की आयु में एक संदिग्ध दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,”मैं विश्व क्रिकेट मानचित्र में गेंदबाजी के स्पिन पहलू को आगे ले जाने के लिए वार्न को ध्वजवाहक के रूप में देखता हूं। दुनिया के शीर्ष तीन विकेट लेने वाले गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन, शेन वार्न और अनिल कुंबले स्पिनर हैं। वह एक दिलचस्प चरित्र थे। इतने सारे ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों के पास उनके बारे में कहने के लिए बहुत सारी अच्छी बातें थीं। मैं अभी भी इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रहा कि वह हमारे बीच में नहीं है। हम भविष्यवाणी नहीं कर सकते कि क्या हो सकता है।”

अश्विन ने कहा, “शेन वार्न एक रंगीन चरित्र थे, उन्होंने स्पिन गेंदबाजी को फिर से परिभाषित किया, उन्होंने 1000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए हैं, बहुत से लोग इस दुर्लभ उपलब्धि को हासिल नहीं कर सकते हैं। शेन वार्न ने इस क्रिकेट की दुनिया में स्पिन को एक आक्रामक हथियार के रुप में लेकर आए। हर कोई वार्न की माइक गैटिंग को फेंकी गई गेंद के बारे में बात करेगा, लेकिन 2005 एशेज में एंड्रयू स्ट्रॉस को वार्न की डिलीवरी मेरी पसंदीदा गेंद है। उन्होंने उस श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया के लिए लगभग अकेले ही लड़ाई लड़ी। वह एक असाधारण इंसान थे और उन्होंने अपना जीवन पूरी तरह से जिया।”

वार्न इतिहास के सबसे प्रभावशाली क्रिकेटरों में से एक थे। 1990 के दशक की शुरुआत में जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया, तब उन्होंने लगभग अकेले दम पर लेग-स्पिन की कला को फिर से खोजा, और 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने तक, वह 700 टेस्ट विकेट तक पहुंचने वाले पहले गेंदबाज बन गए थे।