– उत्तर प्रदेश के चार यूनिवर्सिटी के 19 प्रोफेसर्स शामिल
– पांच दिवसीय उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांच विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर्स ने लिया हिस्सा
– ईडीआईआई ने निःशुल्क दिया प्रोफेसर्स को उद्यमिता टिप्स
गोरखपुर, 11 मार्च (हि.स.)। उद्यमिता में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए गुजरात के अहमदाबाद स्थित भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) ने देश के पांच विश्वविद्यालयों के 24 प्रोफेसर्स को पांच दिनों तक उद्यमिता के गुर सिखाए। प्रशिक्षित हुए प्रोफेसर्स अब अपने अपने इलाके का छात्रों को उद्यमिता के गुर सिखाएंगे और नवाचार को बढ़ावा देंगे।
इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के चार विश्वविद्यालयों के 19 प्रोफेसर्स का अलावा छत्तीसगढ़ के विलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के पांच प्रोफेसर्स शामिल रहे। यूपी के विश्वविद्यालयों में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ और मदन मोहन मालवीय प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के प्रोफेसर्स ने प्रशिक्षण लिया। अब यहां से प्रशिक्षित प्रोफेसर्स अपने अपने विश्वविद्यालयों में उद्यमिता से संबंधित मेंटरशिप करेंगे।
बोले महानिदेशक
भारतीय उद्यमिता संस्थान के महानिदेशक डॉ सुनील शुक्ल ने कहा कि उद्यमिता से छात्रों को जोड़ने के लिए ईडीआईआई अब कई यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम कर रहा है। जमीनी स्तर पर भी यह कार्य गतिशील है। इस कार्य की व्यापकता और अधिक से अधिक नौजवानों को उद्यमी बनाने का प्रयास जारी है। सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उद्यमियों की संख्या में इजाफा करना भी एक प्रमुख कार्य है।
प्रशिक्षक ने कहा
संस्थान के पालिसी एडवोकेसी और रिसर्च विभाग के प्रभारी डॉ अमित कुमार द्विवेदी ने कहा कि 07 मार्च से आरंभ होकर 11 मार्च तक चलाने वाले इस निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में ईडीआईआई के प्रशिक्षकों ने इन्हें खुद आत्मनिर्भर होने के टिप्स दिए। देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए देश के हर हिस्से में उद्यमियों की संख्या बढ़ाने के टिप्स भी दिए गए। इसलिए उद्यमिता को छात्र जीवन से ही अपनाना होगा। इस दौरान विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की सहारना भी हुई। उनके कार्यों में जुटाकर उद्यमिता को गतिशील करने और जोर दिया गया।
इन विषयों पर मिला प्रशिक्षण
– प्रतिभागियों को वर्तमान में उद्यमिता की संभावनाओं के बारे में बताया गया
– केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चल रही विभिन्न वित्तीय सहायता की योजनाओं की महत्ता पर विस्तार से बताया गया।
– छात्रों के लिए नए कोर्स तैयार करने के गुर सिखाए गए।
– छात्रों के आईडिया को स्टार्टअप के लिए चयनित करने पर जोर दिया गया।
– इन्क्यूबेशन व प्री-इन्क्यूबेशन की प्रणाली और संसथान के अन्दर उद्यमिता वातावरण विकसित करने तरीके बताए गए।
बता दें कि ईडीआईआई कई राज्यों में क्षेत्रीय एवं परियोजना कार्यालय स्थापित हैं। यहां से राज्य की उद्यमिता की विभिन्न परियोजनाओ को संचालित किया जा रहा है। संस्थान को भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय से उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस) के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह संस्थान शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण, राष्ट्रीय और अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के क्षेत्र में एक नेशनल रिसोर्स आर्गेनाइजेशन है। ज्ञातव्य हो कि सामान्य (गैर-तकनीकी) श्रेणी में अटल रैंकिंग ऑफ़ इंस्टिट्यून ऑन इनोवेशन अचीवमेंट्स (ARIIA)–2021 द्वारा संस्थानों की रैंकिंग के तहत प्रथम स्थान मिला है।