नेपाल के प्रसिद्ध पीर रतननाथ योगी की शोभा यात्रा की तैयारियां पूरीं

Share

बलरामपुर, 29 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्रि की पंचमी को नेपाल से आने वाली पीर रतननाथ योगी की प्रसिद्ध शोभायात्रा को लेकर देवीपाटन मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। पीर रतननाथ की यात्रा नेपाल के कोयला बाद सीमा से होते हुए नवरात्रि के दूसरे दिन भारत की सीमा में प्रवेश करेगी।

नेपाल से आने वाली पीर रतननाथ योगी की शोभायात्रा को लेकर देवीपाटन मंदिर ने इस बार विशेष प्रबंध किए हैं। नेपाल से भारत में प्रवेश के बाद प्रथम विश्राम स्थल जनकपुर में पीर रतननाथ योगी की प्रतिमा स्थापित कराई गई है। इसके अलावा पीर रतननाथ शोभायात्रा के साथ नेपाल से आने वाले साधु-संतों के रहने के लिए भव्य भवन बनवाया गया है। शिव मंदिर भी बनवाया गया है। दो अप्रैल को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम किए जाएंगे। इसी दिन से सात दिनों तक श्रीराम कथा चलेगा। इसके साथ ही भंडारा भी चलता रहेगा। कार्यक्रम को लेकर देवीपाटन मंदिर के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी लगातार कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।

नवरात्रि की पंचमी को हर वर्ष गाजे बाजे के साथ रतननाथ योगी (पात्र देवता) की यात्रा नेपाल के दांग चौखड़ा से पैदल मंदिर देवीपाटन पहुंचती है। इस दौरान हजारों लोग इस यात्रा में शामिल होते हैं। यह परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। यहां पहुचने के बाद नेपाल से आये मुख्य पुजारी नवमी तक मां पाटेश्वरी जी की पूजा करते हैं

देवीपाटन मंदिर पहुंचने से पूर्व पीर रतननाथ योगी की यात्रा नेपाल सीमा क्षेत्र से सटे देवीपाटन मंदिर द्वारा ही संचालित जनकपुर मठ पर पहुंचती है। इस दौरान यहां तीन दिनों तक मेला लगता है। रतननाथ योगी पात्र देवता की यात्रा नवरात्रि के प्रथम दिन सुबह होते ही निकल पड़ती है। दूसरे दिन कोइलाबास सीमा होते हुए जनकपुर पहुंचती है। तीन दिन विश्राम के बाद पंचमी के दिन यह यात्रा जनकपुर से मंदिर देवीपाटन पहुंचती है। इस दौरान विशेष पूजन का आयोजन किया जाता है।

यात्रा को लेकर देवीपाटन मंदिर के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी ने बताया कि इस प्राचीन मठ पर शिव मंदिर और रतननाथ जी की प्रतिमा स्थापित कराई गई है। इसका प्राण प्रतिष्ठा दो अप्रैल को होगी। सात दिनों तक श्रीराम कथा एवं भंडारा चलेगा। संतों को रहने के लिए विशेष प्रवंध किये गए हैं। उप जिलाधिकारी मंगलेश दुबे ने बताया कि नेपाल से आने वाली इस यात्रा को लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।