– स्थानीय जल संरक्षण अभियानों के माध्यम से बुंदेलखंड में लोगों की आजीविका में सुधार करने के लिए मिलेगा सम्मान
झांसी,13 मार्च (हि.स.)। इंटरनेशनल वाटर एसोसिएशन एवं यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम नेबुंदेलखंड में सक्रिय परमार्थ समाज सेवी संस्थान को जल संरक्षण के लगातार बेहतर प्रयास जैसे ‘जल सहेली‘समूहों और अन्य स्थानीय जल संरक्षण अभियानों के माध्यम से बुंदेलखंड में लोगों की आजीविका में सुधार करने के लिए प्रतिष्ठित ‘वाटर चैंपियन अवार्ड’ से सम्मानित करने का फैसला किया है। यह जानकारी परमार्थ संस्था को मेल के द्वारा दी गई है।
देश की प्रतिष्ठित संस्था टेरी (ऊर्जाशोध संस्थान) ने इंटरनेशनल वाटर एसोसिएशनऔर संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से वाटर सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य जल पर सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि को सुगम बनाने के प्रयासों को मान्यता देना है। इन पुरस्कारों को विभिन्न प्रकार की श्रेणियों में रखा गया है जो अलग-अलग क्षेत्रों में दिया जायेगा। यह अवार्ड विभिन्न क्षेत्रों में सुसंगत और व्यापक तरीके से कार्य कर रहे संगठनों को दिया जायेगा।
इस पुरस्कार का चयन स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। जिसमें जूरी द्वारा परमार्थ समाज सेवी संस्थान को वाटर चैंपियन अवार्ड के लिए चयनित किया है। परमार्थ समाज सेवी संसथान ने लगभग दो दशक से बुंदेलखंड में जल संरक्षण के विभिन्न मॉडलों को विकसित किया है। आज यह मॉडल जन उपयोगी साबित हो रहे हैं। चंदेली-बुन्देली के पुनर्जीवन एवं कुंड चौपरा, भीटा, जलसहेली एवं ग्राम स्तरीय पेयजल सुरक्षा निर्माण जैसे अभिनव प्रयोग किये हैं। इसी सन्दर्भ में 22 मार्च विश्व जल दिवस के अवसर पर दिल्ली के हैबिटेट सेंटर में आयोजित एक समारोह में पुरस्कार प्रदान किया जायेगा।
परमार्थ के सचिव डॉ. संजय सिंह ने कहा कि पुरस्कार किसी भी संस्था को और भी मनोयोग के साथ काम करने की प्रेरणा देते हैं।