राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में शैक्षिणिक सत्र 2022-23 से कोर्स का पैटर्न बदला, सीटें बढ़ाई

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– अल्कोहल टेक्नोलॉजी, शुगर इंजीनियरिंग एवं क्वालिटी कण्ट्रोल व एनवायरनमेंट साइंस कोर्स में बढ़ाई सीटों छात्रों को होगी सहूलियत

कानपुर, 26 मार्च (हि.स.)। जनपद के राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में शैक्षिणिक सत्र 2022-23 से अल्कोहल टेक्नोलॉजी, शुगर इंजीनियरिंग एवं क्वालिटी कण्ट्रोल व एनवायरनमेंट साइंस कोर्स में सीटें बढ़ाई गयी है। बढ़ाई सीटों को देखते हुए एवं शिक्षण के माध्यम को बेहतर बनाने के लिए आमूल-चूल परिवर्तन किये गये हैं, जिसमें इन्टरेक्टिव सेमिनार रूम, एल्कोहॉल टेक्नोलॉजी के लिए एक नई प्रयोगशाला का निर्माण एवं छात्र प्रयोगशालाओं का उच्चीकरण शामिल हैं।

संस्थान के शिक्षा प्रभारी अशोक गर्ग ने बताया कि चूंकि संस्थान द्वारा संचालित कोर्स इंडस्ट्री ओरिएंटेड हैं, अतः ये आवश्यक है कि विद्यार्थियों को सैद्धांतिक के साथ-साथ प्रायोगिक ज्ञान भी दिया जाए। संस्थान द्वारा प्रायोगिक चीनी मिल में अमूल चूल परिवर्तन करने के अतिरिक्त इथेनॉल यूनिट इत्यादि की स्थापना की जा चुकी है। इसी क्रम में इंटरनेशनल कमीशन फॉर यूनिफार्म मेथड्स ऑफ शुगर एनालिसिस के अनुसार विश्लेषण करने की सुविधा छात्रों के लिए विकसित की गयी है।

संस्थान के निदेशक नरेंद्र मोहन ने बताया कि चीनी उद्योग के बदलते तकनीकी परिदृश्य एवं विदेशी छात्रों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश को देखते हुए विभिन्न कोर्सों के सिलेबस में भी आवश्यक परिवर्तन किया जा रहा है। इस कार्य में देश ही नहीं, अपितु विभिन्न अन्य चीनी उत्पादक देशों, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका इत्यादि का सहयोग लिया जा रहा है ताकि संस्थान के छात्र विश्व स्तर पर कार्य करने के लिए क्षमता विकसित कर सकें।

चूंकि इन नियमित पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त संस्थान द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं, अतः एक ट्रेनिंग सेन्टर का निर्माण भी अंतिम चरण में है।