रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना आवश्यकः डॉ. नलिन सिंघल

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हरिद्वार, 11 मार्च (हि.स.)। मेक इन इंडिया मिशन के अंतर्गत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम बढ़ाते हुए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) अपने डिफेंस एवं एयरोस्पेस बिजनेस ग्रुप (डीएबीजी) को और विस्तृत आयाम प्रदान कर रहा है। इसके तहत बीएचईएल हरिद्वार की हीप इकाई में डीएबीजी विस्तारण परियोजना, फेज-1 की रूपरेखा तैयार की गई है।

कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. नलिन सिंघल ने बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक प्रवीण चंद्र झा की उपस्थिति में शुक्रवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजाना का शिलान्यास किया।

इस अवसर डॉ. नलिन सिंघल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर रक्षा क्षेत्र का बाजार तेजी से बदल रहा है। बदलते व्यापारिक परिवेश का लाभ उठाने के लिए हमें भी अपनी तकनीक को और उन्नत करना होगा। आज किसी भी देश के लिए अपनी अखंडता एवं संप्रभुता को बनाए रखने के लिए, उसका रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर होना आवश्यक है।

कार्यपालक निदेशक प्रवीण चंद्र झा ने कहा कि एक विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग उपक्रम होने के नाते बीएचईएल को डिफेंस सेक्टर में भी अपनी क्षमता, दक्षता तथा उत्कृष्टता को बरकरार रखना होगा।

उल्लेखनीय है कि लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत वाली इस डीएबीजी विस्तारण परियोजना के अंतर्गत भारतीय नौसेना के लिए प्रति वर्ष तीन उन्नत सुपर रैपिड गन माउंट (एसआरजीएम) का निर्माण किया जाएगा। इस उन्नत एसआरजीएम में मल्टीपल फीडिंग सिस्टम लगा है जिससे कन्वेंशनल वेपन के साथ ही डार्ट (गाइडेड) वेपन एवं वुलकानो वेपन भी चलाया जा सकते हैं। साथ ही इसकी शूटिंग रेंज भी 16 किलोमीटर से बढ़कर 38 किलोमीटर हो गई है। बीएचईएल को अब तक 2 उन्नत एसआरजीएम का आर्डर प्राप्त हो चुका है तथा भविष्य में 53 एसआरजीएम के और आर्डर मिलने की संभावना है।