गोरखपुर, 07 मार्च (हि.स.)। 10 मार्च को होने वाले विधानसभा चुनाव मतगणना को लेकर प्रशासन काफी संजीदा है। इसका अंदाजा सोमवार को होने वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण की गम्भीरता से लगाया जा सकता है। लखनऊ से जुड़े मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन एवं वीवीपैट से मतगणना के गुर बताए और सूक्ष्मता से परिचित कराया।
बता दें कि गोरखपुर के नौ विधानसभाओं गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, कैंपियरगंज, पिपराइच, चौरीचौरा, चिल्लूपार, बांसगांव, खजनी और सहजनवां के अफसरों को टिप्स दिए। कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्टिक सभाकक्ष में मतगणना प्रशिक्षण वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सम्बंधित रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मतगणना सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मास्टर ट्रेनर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे।
सम्बंधित अधिकारियों को कंट्रोल यूनिट की गणना तथा वीवीपैट की पर्ची की गणना के दौरान पेन, पेंसिल, रबर, कटर, कैलकुलेटर, प्लास्टिक बॉक्स, प्लास्टिक पारदर्शी कन्टेनर, क्यूआर कोड स्कैनर आदि की जानकारियां दी गईं। राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर पुलक भट्टाचार्य ने प्रशिक्षण में वीवीपैट गणना के लिए मॉडल गणना कक्ष की व्यवस्था और प्रशिक्षण स्थल पर रिटर्निंग, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मास्टर ट्रेनरों एवं अन्य की बैठक व्यवस्था की सूक्ष्मता को बताया। प्रशिक्षण कक्ष में इंटरनेट से युक्त लैपटॉप माइक प्रोजेक्टर आदि की व्यवस्था के सम्बंध में भी विस्तार से बताया।
प्रशिक्षण में प्रारूप 17-सी के बारे में भी बताया गया। बता दें कि इस प्रारूप में मतों का लेखा तैयार किया जाता है। प्रारूप 81 के प्रारूप से गणना अभिकर्ता की नियुक्ति की जाती है। रिटर्निग अफसरों को बताया गया कि मतगणना के दौरान केवल अधिकृत व्यक्ति ही मतगणना स्थल पर मौजूद रहेगा। अन्य किसी को मतगणना स्थल पर जाने की अनुमति नहीं रहेगी। मतगणना पहले पोस्टल बैलट मत की गणना प्रेक्षक की मौजूदगी में होगी। फिर ईवीएम में पड़े मतों की गणना प्रारम्भ होगी।