भोपाल, 16 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन बुधवार को कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करने के मामले में जारी नोटिस के विरोध में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक सुरेश राजे और मनोज चावला आसंदी के सामने लेट गए। कांग्रेस के दूसरे विधायकों ने भी आसंदी के सामने जमकर नारेबाजी की। भारी हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 07 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू हुआ था। इसी दिन पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने राज्यपाल के सोशल मीडिया के माध्यम से अभिभाषण का बहिष्कार कर दिया था। इस मामले में बुधवार को जीतू पटवारी को नोटिस जारी किया गया। इस पर कांग्रेस विधायक बिफर उठे। नोटिस पर डा. गोविंद सिंह ने विरोध दर्ज कराया, जिस पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस पर कोई खेद प्रकट नहीं करेगा। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जीतू पटवारी को जो नोटिस दिया है, वह नियमों की परिधि के बाहर जाकर दिया गया है। सदन के बाहर कही गई बात पर सरकार के दबाव में नोटिस दिया गया है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि नोटिस दिया है, उसका जवाब दें और अपनी बात रखें। सज्जन वर्मा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाएगी।
इस मुद्दे को लेकर बुधवार को सदन की कार्रवाई की शुरुआत हंगामे से ही हुई। कांग्रेस विधायक विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी के सामने आकर लेट गए। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई नियम विरुद्ध की जा रही है। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने बजट सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। बता दें कि विधानसभा का बजट सत्र 25 मार्च तक चलने वाला था।
इधर, बजट सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने पर कांग्रेस विधायकों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वैसे ही बजट सत्र छोटा था। सदन में बजट पर चर्चा भी नहीं हो पाई। विधायकों के महत्वपूर्ण सवाल भी सदन में लगे हैं। इतनी जल्दी बजट सत्र खत्म करना उचित नहीं है। यह लोकतंत्र की हत्या है।