लखनऊ, 13 मार्च (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के सांगठनिक विकास पर आधारित पुस्तक ‘ध्येय यात्रा’ परिषद के पूर्व, वर्तमान एवं भविष्य के कार्यकर्ताओं और छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है। पुस्तक ‘ध्येय यात्रा’ का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन कर रहा है।
अभाविप के उल्लेखनीय कार्यों तथा वैचारिक पक्षों को प्रस्तुत करने वाली पुस्तक का प्रकाशन जुलाई 2022 में होगा। यह पुस्तक दो खंडों में है। प्रथम खंड में अभाविप के स्थापना की पृष्ठभूमि से लेकर इसके वैचारिक अधिष्ठान, संगठन की दिशा-दशा एवं स्वरूप के बारे में लिखा गया है। वहीं दूसरे खंड में छात्र नेतृत्व में अभाविप, वैश्विक पटल पर, ऐतिहासिक प्रस्ताव, महत्व प्रभाव और उपलब्ध्यिों की चर्चा की गयी है।
इस पुस्तक के महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुस्तक के प्रकाशन से पहले ही हजारों की संख्या में पंजीकरण हो चुका है। अभाविप पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पांच हजार से अधिक पुस्तकों का अग्रिम पंजीकरण हो चुका है।
पुस्तक के लेखन एवं संकलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक मनोजकान्त ने अहम भूमिका निभाई है। मनोजकान्त ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि विद्यार्थी परिषद युवा वर्ग की शक्ति को पुनर्निमाण के कार्य में लगाने के लिए अपने स्थापना काल (1948) से लगी है। तब से लेकर अब तक असंख्य कार्यकर्ताओं ने संगठन से जुड़कर रचनात्मक और आंदोलनात्मक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का कार्य किया है। इसी का परिणाम है कि अभाविप आज विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बन गया है। इतने वर्षों की लंबी यात्रा में संगठन ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी हासिल की हैं। ध्येय यात्रा में संगठन की गाथाओं का संकलन किया गया है।