राजकीय महाविद्यालयों के अधिवेशन में बोले सहायक निदेशक, हौसला हो तो फासला क्या है

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महोबा, 26 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राजकीय महाविद्यालयों की अकादमिक सोसाइटी का 24 वां वार्षिक महाधिवेशन का आगाज वीरभूमि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सहायक निदेशक उच्च शिक्षा प्रयागराज डॉ बी.एल. शर्मा रहे।

उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों की एकेडमिक सोसाइटी का वार्षिक अधिवेशन में जो भी शोध पत्र प्राप्त होंगे, उन्हें श्रजन नामक पत्रिका में छपवाया जाएगा। उन्होंने गजल के माध्यम से शिक्षकों का हौसला आफजाई करते हुए कहा कि हमें अपनी मंजिल को प्राप्त करना है, तो मंजिल क्या है रास्ता क्या है, हौसला हो तो फैसला क्या है। मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में तू जरा हिम्मत तो कर ख्वाब बदलेंगे। हकीकत में तू ज़रा कोशिश तो कर। उन्होंने कहाकि जो भी आपका समय चल रहा है वह गुजर जाएगा। बीते हुए कल के लिए अपना आज खराब नहीं करें। अपने आप पर विजय प्राप्त करें दूसरों से अपनी तुलना कभी मत करें।

निदेशक प्रोफेसर पी.के. पांडे ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बहु प्रतीक्षित आकांक्षाओं की पूर्ति करती है। इस नीति के पांच प्रमुख आधार है विस्तार, समता गुणात्मकता, वहनीयता तथा उत्तरदायित्व इस नीति में केवल प्रावधान मात्र नहीं है, बल्कि घोषित लक्ष्यों की प्राप्ति करने का कार्य योजना भी है। हम सभी शिक्षकों का दायित्व है कि हम सभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन हेतु सार्थक प्रयास करें।

कार्यक्रम का संचालन डॉ एलसी अनुरागी आए हुए अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय प्राचार्य लेफ्टिनेंट प्रो.सुशील बाबू तथा धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभाग के डॉ.शक्ति सक्सेना ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक सचिव डॉ.प्रदीप कुमार चरखारी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.चंद्र कुमार चौरसिया राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार राजकीय महाविद्यालय बांदा की प्राचार्य डॉ दीपाली गुप्ता राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के प्राचार्य डॉ. राजकुमार सहित अनेक महाविद्यालयों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।