अनूपपुर, 27 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मरवाही वन परीक्षेत्र से शनिवार सुबह आए तीन हाथियों का समूह दो दिन से अनूपपुर जिले के वन परीक्षेत्र जैतहरी अंतर्गत गढ़ियाटोला एवं वेंकटनगर बीट के बीच स्थित गढ़ियाटोला कदमसरा के बड़काटोला छिरहाटोला के जंगलों तथा गांव के किनारे निरंतर विचरण कर रहा है। वन विभाग व पुलिस हाथियों पर निरंतर निगरानी बनाए रखते हुए ग्रामीणों को सतर्क कर रहे हैं।
शनिवार की रात्रि कदमसरा के बड़काटोला निवासी विशाल सिंह के बाड़ी में घुसकर हाथियों द्वारा केले तथा कटहल के पेड़ों को अपना आहार बना बनाया। इस बीच कच्चे मकान के अंदर रह रही 55 वर्षीय विशाल सिंह की विकलांग मां को वन विभाग व पुलिस के कर्मचारियों ने हाथियों पर नजर बनाते हुए बनाते हुए सुरक्षित निकाला। जिससे एक बड़ी दुर्घटना होते होते बची।
हाथियों का समूह शनिवार की रात बड़काटोला से छिरहा टोला मुख्य मार्ग से गाव की बस्ती पार करते हुये छिरहाटोला बांध के पास जंगल में चला गया जो पड़ोस के छत्तीसगढ़ राज्य के पडंखुड़ी में जाने की जानकारी मिली, किंतु रविवार की सुबह 9 बजे कदमसरा के जंगल में महुआ बिन रहे लाला भैना एवं दो अन्य व्यक्तियों ने तीन हाथियों को जंगल से जाते देखा जिसकी सूचना दिए जाने पर वन विभाग की टीम हाथियों की निगरानी में लग गई। समाचार लिखे जाने तक हाथियों का समूह सकरा बांध गढ़िया टोला एवं दरमोहनी के बीच जंगल में विचरण करते पाया गया। हाथियों के समूह की निरंतर दो दिनों से वन परि, जैतहरी के गढ़ियाटोला-कदमसरा में निरंतर विचरण पर वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी अश्वनी कुमार सोनी परिक्षेत्र सहायक बेकटनगर आर,एस,शर्मा परि, सहायक जैतहरी आर,एस,सिकरवार परिक्षेत्र सहायक गोरसी शिवचरण पुरी पुलिस चौकी वेंकटनगर प्रभारी आर,के,शुक्ला वन क्षेत्र के सभी वनरक्षक,सुरक्षा श्रमिक ग्राम पंचायतों के सरपंच व पंचायत प्रतिनिधि निरंतर नजर बनाए हुए हैं। आज रात हाथियों के छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा में जाने या मध्य प्रदेश की सीमा में ही रहने की बात कही जा रही हैं।