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मोदी सरकार के लिए खास है 5 अगस्त, जानिए कैसे

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आज 5 अगस्त है. पिछले 2 सालों से 5 अगस्त को मोदी सरकार ऐतिहासिक फैसले लेती रही है. साल 2019 में दोबारा प्रधानमंत्री बनने के चंद ही महीनों के भीतर नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया. पिछले साल 5 अगस्त को प्रधानमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास किया. अब सवाल ये है कि इस बार 5 अगस्त को क्या होगा.

क्या मोदी सरकार एक बार फिर अपने विरोधियों को चौंका देगी. या फिर इस बार 5 अगस्त को बड़े और ऐतिहासिक फैसले लेने का सिलसिला थम जाएगा .

मोदी सरकार के लिए खास दिन
5 अगस्त वो तारीख है, जिस दिन मोदी सरकार बीजेपी के एजेंडे को साकार करती है. 8 अगस्त 2019 को पीएम मोदी ने जब देश को संबोधित किया था. तब उन्होंने कहा था कि एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. अटल जी और करोड़ों देशभक्तों का वो सपना अब पूरा हुआ है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक नए युग की शुरुआत हुई है. यही वो तारीख है जब मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाकर अपना वादा पूरा किया.

5 अगस्त ही वो तारीख है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के सपने की बुनियाद रखी. इसी दिन 2019 में मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाया और पिछले साल इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या के निर्माण की आधारशिला रखी.

मोदी सरकार का 5 अगस्त के लिए अगला टारगेट क्या है. ये सवाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान से भी बहुत दिलचस्प हो गया है. अमित शाह की मौजूदगी में योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से बीजेपी के लिए 5 अगस्त के मायने बताए उससे हर कोई जानना चाहता है कि मोदी सरकार इस बार क्या करने वाली है.

5 अगस्त पवित्र तिथिः CM योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 5 अगस्त की पवित्र तिथि हमारे लिए कई मायने रखती है. 5 अगस्त की तिथि सर्जिकल स्ट्राइक के लिए जानी जाती है. 5 अगस्त की तिथि कश्मीर के कंलक धारा 370 को समाप्त करने के लिए जानी जाती है और 5 अगस्त की तिथि सैकड़ों वर्षों की गुलामी को धता बताते हुए अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर कार्य का पीएम के कर कमलों से शुभारंभ के लिए जाना जाता है.

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में 5 अगस्त एक ऐसी तारीख के रूप में दर्ज हो गई है. जब बीजेपी अपने राजनीतिक और वैचारिक एजेंडे को आगे बढ़ाती है.

इसे भी — सुप्रीम कोर्ट का फैसला- बड़ी बेंच के पास नहीं जाएगा जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने का मामला

बीजेपी के जन्म से लेकर आज तक. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर नरेंद्र मोदी तक. सभी के 3 सबसे बड़े सपने रहे हैं. पहला जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना, दूसरा अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और तीसरा समान नागरिक संहिता. अपने दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री अपने पहले दो सालों में 3 में से 2 सपनों को पूरा कर चुके हैं. जिसके लिए 5 अगस्त का दिन चुना गया.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि हमें इसलिए दोषी ठहराते रहे हैं कि हम राम मंदिर बनाना चाहते हैं. 370 हम खत्म करने की बात कर रहे हैं. हम देश की एकता कैसे कायम रखेंगे. शादी ब्याह का समान कानून हो, भले ही संविधान में लिखा हो, भले ही सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी हो. आप कैसे कह सकते हैं. और आप कहेंगे तो आप देश की एकता के तोड़क होंगे. और हम अगर कहते हैं कि नहीं ये हमारे इस समय के कार्यक्रम में नहीं हैं. हां इस समय का इसलिए कि हमारे पास बहुमत नहीं है. हम बहुमत के लिए लड़ रहे हैं.

अब तो बहुमत की बाधा भी नहींं

तब वाजपेयी के सामने बहुमत की बाधा थी. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे मुक्त हैं. इसीलिए क्या बीजेपी अपने तीसरे सबसे बड़े मुद्दे को पूरा करने की तरफ कदम बढ़ा सकती है.

नरेंद्र मोदी के बारे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वो अपनी पार्टी के एजेंडे और विचारधारा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. नरेंद्र मोदी RSS से बीजेपी में आए हैं. ऐसे में संघ के सपने को साकार करने की दिशा में समान नागरिक संहिता का अहम रोल है.

अदालत के हालिया फैसले से कॉमन सिविल कोड का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल आ गया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में समान नागरिक संहिता की जरूरत पर जोर दिया.

जस्टिस प्रतिभा एन सिंह ने अपने फैसले में कहा कि आज का हिंदुस्तान धर्म, जाति, कम्युनिटी से ऊपर उठ चुका है. आधुनिक भारत में धर्म, जाति की बाधाएं तेजी से टूट रही हैं. तेजी से बदल रहे इस बदलाव की वजह से अंतरधार्मिक और अंतरजातीय विवाह या फिर तलाक में दिक्कत आ रही है.

यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होः HC

फैसले में कहा गया कि आज की युवा पीढ़ी को इन दिक्कतों से जूझना न पड़े इस लिहाज से देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होना चाहिए. आर्टिकल 44 में यूनिफार्म सिविल कोड की जो उम्मीद जताई गई थी, अब उसे केवल उम्मीद नही रहना चाहिए बल्कि उसे हकीकत में बदल देना चाहिए.

अदालत ने ये टिप्पणी एक तलाक के मामले में की. जिसमें पति हिंदू मैरिज एक्ट के मुताबिक तलाक चाहता था जबकि पत्नी का कहना था कि वो मीणा जनजाति से आती है. लिहाजा उस पर हिंदू मैरिज एक्ट लागू नहीं होता. इसी मामले में अदालत ने यूनिफॉर्म सिविल कोड की जरूरत को महसूस किया.

तो क्या मोदी सरकार अब बीजेपी के तीसरे सबसे बड़े वादे को पूरा करने की तरफ बढ़ेगी. सभी की दिलचस्पी ये जानने में है कि जिस तरह से मोदी सरकार ने अचानक धारा 370 हटाने का ऐलान किया. क्या इस बार के 5 अगस्त को भी वो ऐसा करेगी. क्या ये सब करना इतना आसान है.

तो कॉमन सिविल कोड को अचानक लागू करने के अपने जोखिम हैं. वैसे प्रधानमंत्री मोदी इस बार के 5 अगस्त को एक कौन सा बड़ा काम करने वाले हैं इस बारे में यूपी के सीएम योगी पहले ही सभी को बता चुके हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि हम सब जानते हैं कि 5 अगस्त को एक भव्य कार्यक्रम होगा जब पीएम के द्वारा एक दिन में एक करोड़ लोगों को अन्न वितरण के कार्यक्रम का स्वागत होगा.

उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होने हैं. जिसे देखते हुए योगी सरकार की कोशिश अन्न महोत्सव के जरिए 1 करोड़ लोगों तक पहुंचने की है. जिसके लिए खासतौर से 5 अगस्त की तारीख को चुना गया है.