वरुण ने कहा कि उन्होंने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया

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नई दिल्ली. भाजपा सांसद वरुण गांधी ने बृहस्पतिवार को ट्विटर से उस कानूनी नोटिस को सार्वजनिक करने को कहा जो माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट के अनुसार वरुण द्वारा इस प्लेटफॉर्म पर किये जा रहे उल्लंघनों को लेकर उसे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भेजा है. वरुण ने एक ईमेल का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए ट्वीट किया कि यह मेल उन्हें ट्विटर से मिला है जिसमें उनके अकाउंट को लेकर भारतीय कानून प्रवर्तन से मिले अनुरोध के बारे में सूचित किया गया है.

पीलीभीत से लोकसभा सदस्य वरुण ने कहा कि उन्होंने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया. उन्होंने कहा कि उनके ट्वीट में कुछ भी आपत्तिजनक चीजें नहीं थीं और ट्विटर को इस मेल के लिए स्पष्टीकरण देना चाहिए कि यह किस आधार पर भेजा गया है. उन्होंने कहा कि ट्विटर भारतीय नागरिकों पर रौब जमा रहा है और उसका एक एजेंडा है.

एक अन्य ट्वीट में गांधी ने कहा कि ‘ लंबे समय से ट्विटर हमारे नागरिकों के भिन्न राजनीतिक विचारधाराओं को अपने प्रोपैगैंडा के हिसाब से संचालित करने की कोशिश कर रहा है. यह एक मंच नहीं बल्कि ट्रिब्यूनल की तरह व्यवहार करता दिख रहा है. देश के कानून के तहत भारतीयों का यह उत्पीड़ नहीं हो सकता है.’

भाजपा सांसद द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ट्विटर द्वारा किया गया ई-मेल देखा जा सकता है. इस में लिखा है- पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए हम आपको इस बारे में जानकारी दे रहे हैं. हमने रिपोर्ट किए गए कंटेंट के बारे में कोई एक्शन नहीं लिया है. हम अपने यूजर्स की आवाज का सम्मान और बचाव करते हैं. हमारी यह नीति है कि अगर हमें किसी सरकारी एजेंसी से कानूनी अनुरोध मिलता है तो हम यूजर्स को इस बारे में सूचित करते हैं.

सांसद ने कहा कि उन्होंने सरकार के सूत्रों से पता किया कि क्या किसी एजेंसी ने उनके अकाउंट के खिलाफ ऐसा कोई अनुरोध किया था? सांसद ने दावा किया कि उन्हें पता चला कि किसी सरकारी एजेंसी ने उनके ट्विटर अकाउंट के मद्देनजर कोई अनुरोध नहीं किया था.